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क्रिसमस: आनंद, शांति और प्रेम में लिपटा एक उल्लासपूर्ण उत्सव

क्रिसमस: आनंद, शांति और प्रेम में लिपटा एक उल्लासपूर्ण उत्सव

“क्रिसमस केवल एक दिन नहीं, बल्कि आशा, विश्वास और आपसी एकता की वह अनुभूति है जो हर हृदय को हर्षोत्साहित करती है।”

प्रयागराज संत जोसेफ कॉलेज, प्रयागराज के प्रांगण में अत्यंत हर्ष, श्रद्धा एवं उत्साह के साथ क्रिसमस उत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रेम, सौहार्द और कृतज्ञता की भावना को सजीव करता हुआ विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को एक सूत्र में बाँधने वाला रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मास्टर ऑफ सेरेमनीज़ राघव मिश्रा द्वारा प्रस्तुत स्वागत संबोधन से हुआ, जिसने पूरे आयोजन के लिए उल्लासपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण की स्थापना की। इसके पश्चात् श्रीमती चार्मेन क्रिस्टीना वेस्ले द्वारा बाइबल पाठ एवं प्रार्थना की गई, जिसमें प्रभु के आशीर्वाद का आह्वान करते हुए क्रिसमस के वास्तविक संदेश को स्मरण कराया गया।

इसके उपरांत महाविद्यालय के गायन दल द्वारा प्रस्तुत मधुर क्रिसमस कैरल “गो टेल इट ऑन द माउंटेन” ने समस्त वातावरण को उत्सवमय बना दिया। के.जी. अनुभाग के नन्हे विद्यार्थियों ने “क्रिसमस के रंग” शीर्षक से रंगारंग प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।

कक्षा 8 के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सामूहिक काव्य पाठ “आई हर्ड द बेल्स ऑन क्रिसमस डे” ने शांति और आशा का सशक्त संदेश दिया। इसके नर्सरी और मिडिल स्कूल विभागों ने संयुक्त रूप से **“क्रिसमस के प्रतीक”** प्रस्तुत किए, जिसमें मंच पर तारा, मोमबत्तियाँ, पुष्पमालाएँ, घंटियाँ और चरनी को प्रदर्शित किया गया तथा उनके आध्यात्मिक महत्व को स्पष्ट रूप से समझाया गया।

महाविद्यालय के गायन दल द्वारा प्रस्तुत “हार्क! द हेराल्ड एंजल्स सिंग” तथा “जॉय टू द वर्ल्ड” जैसे भक्तिपूर्ण कैरल्स ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद माध्यमिक अनुभाग द्वारा प्रस्तुत “अ क्रिसमस गार्डन ऑफ मिरेकल्स” में ईश्वर पुत्र ईसा मसीह के जन्मोत्सव को एक लघु नाटिका व नृत्य के साथ प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का सबसे प्रतीक्षित क्षण सांता क्लॉज़ का आगमन रहा, जिसने विद्यार्थियों के चेहरों पर मुस्कान और उल्लास भर दिया। इसके पश्चात् महाविद्यालय के गायन दल द्वारा प्रस्तुत “वी विश यू अ मेरी क्रिसमस” ने संपूर्ण सभागार को आनंद और उत्साह से भर दिया।

अंत में प्रधानाचार्य वाल्टर डी’सिल्वा के प्रेरणादायी संदेश ने प्रेम, दया और उदारता जैसे मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। अपने संबोधन में उन्होंने सांता क्लॉज़ के वास्तविक स्वरूप तथा उनके क्रिसमस से गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए सेंट निकोलस के जीवन का उल्लेख किया और बताया कि कैसे सेंट निकोलस की निस्वार्थ सेवा, करुणा और दानशीलता की भावना ही आज सांता क्लॉज़ के रूप में विश्वभर में प्रेम और आनंद का संदेश देती है। उन्होंने सभी को इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदान कीं। राष्ट्रगान के साथ इस भव्य एवं स्मरणीय कार्यक्रम का समापन हुआ।

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