हिन्दू जगे नहीं तो देश भर में हो जाएंगे अल्पसंख्यक,कल्याणी देवी में हिंदू सम्मेलन संपन्न

प्रयागराज। संघ शताब्दी वर्ष के तृतीय चरण में चल रहे हिंदू सम्मेलनों के क्रम में रविवार को नगर के कल्याणी देवी में विशाल हिंदू सम्मेलन संपन्न हुआ।
सर्व हिंदू समाज के तत्वावधान में संपन्न हुए सम्मेलन में मुख्य वक्ता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अजय शुक्ला ने कहा कि हिन्दू एक सहिष्णु थर्म है इसकी सार्वभौमिक सत्ता है। सर्वोच्च न्यायालय भी इसकी पुष्टि कर चुका है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए सभी हिंदुओं को जागना होगा क्योंकि आने वाला कल बहुत खतरनाक है। 15 अगस्त को तो देश को गुलामी से आजादी मिली थी लेकिन धार्मिक आजादी राम मंदिर के बनने के बाद मिली है। पूरे देश में भर में पश्चिम बंगाल जैसी हिंदुओं की जागृति की जरूरत है जहां 5 लाख लोगों ने एक साथ गीता पाठ कर पूरे देश को हिंदू एकता का संदेश दिया।उन्होंने लोगों को चेताया कि नौ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गया है यदि यही स्थिति बनी रही तो देश में हिंदू समाज अल्पसंख्यक हो जाएगा.।
हिन्दुओ का संगठित होना जरूरी
अध्यक्षता करते हुए संघ के प्रांत प्रचारप्रमुख डा मुरारजी त्रिपाठी ने कहा कि जब तक हिंदू जागृत नहीं होगा देश सुरक्षित नहीं हो सकता।देश की एकता अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हिंदू समाज का संगठित होना जरूरी है। जिस अनुपात में हिंदू समाज संगठित होगा यह राष्ट्र उसी अनुपात में विकास की ओर आगे बढ़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि जिन-जिन प्रांतों में हिंदू घटा है वहां देश कमजोर हुआ है और विदेशी शक्तियों को अपना खेल खेलने में आसानी हुई है। हिंदू जीवन मूल्य न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए उपयोगी हैं।
उन्होंने धर्मांतरण पर चिंता जताई तथा समाज को सतर्क रहने का आह्वान किया। हिंदू समाज ने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया बल्कि सदैव से शांति सद्भाव और सह अस्तित्व की राह पर चलता आया है।
स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य समुद्रगुप्त मौर्य ने कहां की अपने अस्तित्व को बचाने के लिए हिंदुओं का पुनर्जागरण बहुत जरूरी है। ज्योतिषाचार्य आदित्य कीर्तित्रिपाठी ने कहा कि हिंदू पुनर्जागरण जरूरी है साथ ही अपना धर्म छोड़कर दूसरे धर्म को स्वीकार कर चुके लोगों की घर वापसी करने में भी सब लोग अपनी ताकत लगाये। शोध वैज्ञानिक हरिश्चंद्र मालवीय ने कहा कि हिंदुत्व संपूर्ण जीवन पद्धति है इसकी जड़े वैदिक संस्कृति से जुड़ी है।
मंचस्थ अतिथियो द्वारा भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुये कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर की छात्राओं ने बड़े ही मधुर कंठ से गुरु वंदना प्रस्तुत किया। समाज सेवीओमप्रकाश द्विवेदी एवं संघ के विभाग सामाजिक सद्भाव प्रमुख मोहन जी टंडन ने अतिथियों को अंग वस्त्र भेंट कर माल्यार्पण किया । संचालन ओंकार नाथ त्रिपाठी तथा धन्यवाद ज्ञापन मोहन जी टंडन ने किया। भारत माता की सामूहिक आरती तथा कृष्ण देव शुक्ला एवं सभासद विद्या द्विवेदी की अगुवाई में सामूहिक वंदे मातरम गान केसाथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में विवेक सेठ प्रदीप जी गणेश जी सौरभ श्रीवास्तवशुचित टंडन शशि टंडन प्रियंकाअनूप जी सत्यनारायण समेत बडी संख्या मे अधिवक्ता शिक्षक व्यापरीगण तथा माताएं बहने उपस्थित थी।
