मुंबई नटरंग श्री कल्चरल फाउंडेशन की सशक्त प्रस्तुति, वेदा ब्लैक बॉक्स में गूंजा मधुशाला का काव्यपाठ

मुंबई नटरंग श्री कल्चरल फाउंडेशन की ओर से वेदा ब्लैक बॉक्स में एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें काव्य, रंगमंच और अभिनय का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत हरिवंश राय बच्चन द्वारा रचित अमर काव्य मधुशाला के काव्यपाठ से हुई। दशकों बाद भी मधुशाला की पंक्तियाँ जब मंच से गूंजीं तो खचाखच भरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। “अब न रहे वे पीने वाले, अब न रही वो मधुशाला” जैसी पंक्तियों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। दर्शकों ने काव्यपाठ की भरपूर सराहना की और कलाकारों के भावपूर्ण पाठ से खूब आनंद लिया।
इस काव्यपाठ में सिनेमा और रंगमंच के अनुभवी कलाकारों ने हिस्सा लिया, जिनमें वचन पचहरा, राहुल तिवारी, नंदलाल सिंह, कैलाश चंद, पंकज कश्यप, अमित सिंह, वेद मानसिंह, संजय वर्मा और मुदस्सर खान शामिल रहे। बाल कलाकार अर्जुन तिवारी ने अपनी मासूम अदायगी से दर्शकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम के दूसरे भाग में इस्मत चुगताई की कहानी पर आधारित नाटक घरवाली का मंचन किया गया। 45 मिनट के इस नाटक को कृष्ण उपाध्याय ने प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा और खूब प्रशंसा बटोरी। नाटक का निर्देशन चंद्रभान सिंह ने किया।
मंच प्रकाश व्यवस्था सज्जात खान द्वारा की गई, जबकि बैकस्टेज की जिम्मेदारी राज संकलेश और गुंजन यादव ने संभाली। कार्यक्रम की एंकरिंग ज्योति जेलिया ने सहज और प्रभावशाली ढंग से की, जिससे पूरे आयोजन में एक सुंदर प्रवाह बना रहा।
कुल मिलाकर यह सांस्कृतिक संध्या दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुई, जिसमें साहित्य और रंगमंच की समृद्ध परंपरा जीवंत होकर सामने आई।
