संस्कार वाटिका न्यास ने गरीब असहाय बच्चों को आम धारा के साथ जोड़ने के संकल्प के साथ निकाली तिरंगा यात्रा

जश्न ए आजादी मनाने के तरीके हर भारतीय के अलग अलग हैं।कोई बाईक जुलूस निकाल कर जश्न मना रहा है कोई तिरंगा यात्रा निकाल कर आजादी का जश्न मना रहा है।लेकिन असली आजादी के मायने तब समझ में आयेंगे जब समाज साक्षर हो शिक्षित हो,ऐसे ही समाज की परिकल्पना की है संस्कार वाटिका नें,गरीब असहाय
नौनिहालों को शिक्षित करना उन्हें आम समाज से जोड़ना संस्कार वाटिका का मुख्य उद्देश्य है।
आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत संस्कार वाटिका न्यास ( जो गरीब असहाय बच्चो को निशुल्क शिक्षा प्रदान करते है) के
द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि वरिष्ठ समाजसेवी अनुराग संत पहुंचे,इस विशेष कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।दीप की रोशनी में समाज को शिक्षा की किरण देने का भरोसा दिलाया गया।शिक्षा के साथ अब समाज की मुख्य जरूरत आक्सीजन बन गई है,आक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए वृक्षारोपण किया गया।इस कार्यक्रम में अधिवक्ता विजय मिश्रा, अभिनव शर्मा ने भी वृक्षारोपण किया।वृक्षारोपण
के पश्चात तिरंगा यात्रा निकाली गई जिसमे छात्र छात्राओं ने
बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और आजादी के अमृत महोत्सव में शामिल होकर आजादी का जश्न मनाया।
