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माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह संपन्न राज्यपाल ने दिया ‘जीवन भर सीखो’ का मंत्र, 22,315 छात्र-छात्राओं को मिली उपाधि

माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह संपन्न

राज्यपाल ने दिया ‘जीवन भर सीखो’ का मंत्र, 22,315 छात्र-छात्राओं को मिली उपाधि


उजाला शिखर_
_ब्यूरो चीफ : अशवनी रोहिला_

_सहारनपुर।_ माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह मंगलवार को सेठ गंगा प्रसाद माहेश्वरी सभागार जनमंच में कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की वर्चुअल उपस्थिति और अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी और राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी/अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर एम. बोबडे मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति आख्या प्रस्तुत करने के साथ हुआ। इसके उपरांत संकायाध्यक्षों ने उपाधि एवं पदक प्राप्तकर्ताओं का परिचय कराया। कुलपति ने उपाधियों के प्रदान किए जाने की घोषणा की।

राज्यपाल ने कुल _99 स्वर्ण पदक_ वितरित किए। इनमें संकाय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले 2 छात्र एवं 4 छात्राओं को _6 कुलाधिपति स्वर्ण पदक_ प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त _6 प्रायोजित स्वर्ण पदक_ भी दिए गए। इनमें स्नातकोत्तर भूगोल – स्व. राम सिंह कश्यप स्मृति, स्नातकोत्तर रसायन विज्ञान – प्रो. जगदीश सिंह चौहान स्मृति, स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान – स्व. राजवाला कृपाल सिंह स्मृति, स्नातकोत्तर कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग – स्व. सरदार सतपाल सिंह, स्नातकोत्तर वनस्पति विज्ञान – प्रो. येर्रमिल्ली श्रीराम मूर्ति तथा स्नातकोत्तर इतिहास – महेन्द्र सिंह ‘बाबू जी’ स्मृति पुलस्त्य फाउंडेशन स्वर्ण पदक शामिल हैं। शेष _87 कुलपति स्वर्ण पदक_ विभिन्न विषयों के मेधावियों को मिले।

विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों के कुल _22,315 छात्र-छात्राओं_ को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें _7,582 छात्र एवं 14,733 छात्राएं_ शामिल हैं। राज्यपाल द्वारा सभी उपाधियों को डिजी लॉकर में अपलोड कराया गया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी उपाधि डिजी लॉकर से डाउनलोड कर उसका समुचित उपयोग करने की अपील की। इसके पश्चात दीक्षोत्सव स्मारिका, भाषण संकलन एवं चयनित चित्रकलाओं के संकलन का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण एवं देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डिग्री प्राप्तकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि 16 जुलाई से माई भारत पोर्टल के माध्यम से नशा मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इसे जन-आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने युवाओं से घर-घर जाकर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित योग-व्यायाम एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने पर बल दिया। उन्होंने क्षय रोग मुक्त भारत, मासिक धर्म स्वच्छता जैसे जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहभागिता का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि भारत आज अर्द्धचालक, क्वांटम प्रौद्योगिकी, रक्षा एवं वायु अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। युवाओं को स्वदेशी तकनीक एवं अनुसंधान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल ही में कुछ युवाओं ने 450 किलोमीटर दूर पृथ्वी की कक्षा में अपना उपग्रह स्थापित कर देश का नाम रोशन किया है।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों की सराहना की। बताया कि विश्वविद्यालय एवं मंडल के तीनों जिलों के सहयोग से _700 आंगनबाड़ी किट_ वितरित की गईं। प्रदेश में अब तक _66,000 आंगनबाड़ी किट_ वितरित की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य परीक्षण, रक्तदान, स्वच्छता, वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण एवं जल संरक्षण जैसे कार्यक्रम चलाए गए। पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में भागीदारी का संकल्प लेने को कहा। जल संरक्षण के लिए बूंद-बूंद सिंचाई तकनीक अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने माता-पिता की सेवा का भी आह्वान किया और अंत में विद्यार्थियों को _”जीवन भर सीखते रहो”_ का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करे तो विकसित भारत एवं आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य शीघ्र साकार होगा।

मुख्य अतिथि प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल उपाधि प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान, नैतिक मूल्यों, तकनीकी दक्षता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से परिपूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि आज का युग कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं स्वचालन का है। विद्यार्थियों को इन तकनीकों को समझकर स्वयं को समयानुकूल तैयार करना होगा। उन्होंने ज्ञान अर्जन, पुस्तकें पढ़ने एवं बौद्धिक दायरा बढ़ाने पर जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधीर एम. बोबडे ने कहा कि वर्तमान समय तीव्र परिवर्तन का दौर है। ऐसे में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है। सफलता के लिए _दल कार्य, जिम्मेदारी, समय प्रबंधन एवं सूक्ष्म अवलोकन_ आवश्यक हैं। स्वयं को “एक गरीब किसान का बेटा” बताते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियां सफलता में बाधा नहीं बनतीं। परिश्रम एवं ईमानदारी से कोई भी ऊंचाई पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि तकनीक प्रत्येक 6 माह में बदल रही है, इसलिए निरंतर सीखना जरूरी है। सहारनपुर संभावनाओं से भरा है, यहां संसाधनों का सुनियोजित उपयोग विकास की नई दिशा देगा।

विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि यह ज्ञान, तकनीक एवं नवाचार का युग है। युवाओं विशेषकर युवतियों को आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से सरकारी छात्रवृत्ति एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग एवं क्वांटम जैसी तकनीकों को सीखकर युवा रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने महिला शिक्षा एवं सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा कि शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बेटियां ही समाज एवं राष्ट्र की शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि बेटे-बेटियों को समान अवसर एवं समान शिक्षा मिलनी चाहिए।

समारोह में भाषण, चित्रकला, निबंध, काव्य लेखन, देशभक्ति गीत एवं लोक नृत्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

कार्यपरिषद एवं संकायाध्यक्ष एन0के0 तनेजा, डी0एन0 सिंह, प्रियंका भारद्वाज, मनीषा सैनी, कुवंरपाल सिंह, किरण पाल सिंह, रामकुमार, कल्पना, जितेन्द्र सिंह, सुधीर कुमार, अनिल कुमार, ओमकार सिंह, प्रेम कुमार श्रीवास्तव, मुकेश कुमार एवं संकायाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, ममता सिंघल, पूनम शर्मा, कुलसचिव कमल कृष्ण, परीक्षा नियंत्रक राजीव कुमार, वित्त अधिकारी सूरज कुमार, उपकुलसचिव अनूप कुमार, सहायक कुलसचिव संजीव कुमार, रमेश सिंह। इसके अतिरिक्त जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, अजय कुमार महापौर, उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति नवीन चन्द्र लोहानी, रविन्द्र मेगलानी अध्यक्ष सी0आई0एस0, एच0एस0 चढ्ढा, अमित चौधरी सी0 आई0 एस0, शिव कुमार आरोड़ा, रामजी सूनेजा आई0 आई0 ए0, शुभावरी चौहान एवं विशाल गर्ग उद्यमी स्टार्टअप आदि उपस्थित रहे।

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