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राजीव गांधी के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता शेखर बहुगुणा

राजीव गांधी के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता
शेखर बहुगुणा

 

देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित राजीव गांधी जी की जयंती विकासखंड हंडिया के नाहरपुर गांव मे कृतज्ञता के साथ मनाई गई । जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष सुरेश चंद यादव ने की तथा संचालन रईस अहमद ने की । मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शेखर बहुगुणा ने कहा कि
स्वर्गीय राजीव गांधी 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 24 घंटे के भीतर देश के प्रधानमंत्री बन गए थे। वे राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने भारत के लोगों को 21वीं सदी का सपना दिखाया था। 21 मई 1991 में लिट्‍टे के आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की मौत हुई थी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता जावेद उर्फी ने कहा किआज जब एक युवा 18 साल का होता है और वोट डालने के बाद अंगुली की स्याही दिखाते हुए सेल्फी लेता है तो उसका उत्साह देखते ही बनता है, लेकिन इनमें से कई को यह भी पता नहीं होगा कि 18 साल की उम्र में वोट देने का अधिकार आखिर उन्हें कैसे मिला? दरअसल, वे राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने वोटिंग की उम्र 21 साल से घटाकर 18 वर्ष की थी। कहा जाता है कि जिस समय यह फैसला लिया गया था, उस समय करीब 5 करोड़ युवाओं को वोट देने का अधिकार मिला था।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरेश चंद यादव ने कहा किभारत में कंप्यूटर और संचार क्रांति का श्रेय राजीव गांधी को ही जाता है। स्व. गांधी का मानना था कि देश की युवा पीढ़ी को आगे ले जाना है तो उसके लिए कंप्यूटर और विज्ञान की शिक्षा जरूरी है। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने विज्ञान और टेक्नोलॉजी के लिए सरकारी बजट को बढ़ाया। कंप्यूटर की कीमतें घटाने के लिए राजीव ने अहम फैसला लिया। उन्हें इसे सरकारी नियंत्रण से बाहर किया और असेंबल कंप्यूटर्स का आयात शुरू किया। देश की 2 बड़ी टेलीकॉम कंपनी एमटीएनएल और वीएसएनएल की शुरुआत उनके कार्यकाल में ही हुई। प्रांतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य ओम प्रकाश तिवारी ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा किस्व. राजीव गांधी ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के उद्देश्य से जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापना की। वर्तमान में लगभग हर जिले में एक नवोदय विद्यालय है और स्थिति ऐसी है कि शहरी क्षेत्र के बच्चे भी नवोदय स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। राजीव ने यह फैसला 1986 में घोषित शिक्षा नीति के तहत लिया था।
डीसीएफ के चेयरमैन प्रेम कुमार उर्फ लल्ले सिंह ने कहा किगांवों को सशक्त और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए राजीव ने पंचायती राज का बड़ा फैसला लिया। इसके माध्यम से उन्होंने पूरे देश में ग्राम सरकार की अवधारणा लागू की और पंचायतों को ज्यादा अधिकार दिए। उनका मानना था कि ग्राम पंचायतों को सत्ता में वह दर्जा मिलना चाहिए जो संसद और विधानसभा का है।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष दिवाकर भारती मनोज पासी रईस अहमद जिला महासचिव राकेश पटेल जिला सचिव एवं भारतीय राष्ट्रीय पद कार्य महासंघ के जिला अध्यक्ष रमाकांत त्रिपाठी मंटू सिंह कमलभान सिंह कृपा शंकर पांडे नंदलाल गुप्ता प्रधान आज प्रमुख लोगों ने स्वर्गीय राजीव गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

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