विश्वकर्मा समाज की वार्षिक पत्रिका “संकल्प-विकल्प का भव्य विमोचन

विश्वकर्मा महासंघ, प्रयागराज द्वारा प्रकाशित सामाजिक पत्रिका “संकल्प-विकल्प के 36 वें अंक का विमोचन समारोह विनीता हॉस्पिटल प्रा० लि० फाफामऊ, प्रयागराज के मंगलम् हाल में बड़े हर्ष और गरिमामय वातावरण में दि0 20-09-2026 को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान विश्वकर्मा जी के चित्र पर माल्यार्पण, द्वीप प्रज्ज्वलन तथा आरती के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अच्छे लाल विश्वकर्मा, ज्वाइंट कमिश्नर जी. एस. टी. प्रयागराज ने किया तथा मुख्य अतिथि श्री पवन कुमार विश्वकर्मा, उप निदेशक (कृषि) प्रयागराज व विशिष्ट अतिथि के रूप में डा० बिन्दू विश्वकर्मा, निदेशक विनीता हॉस्पिटल प्रा० लि० फाफामऊ, श्रीमती शिप्रा शर्मा, उप निदेशक (कृषि रक्षा) प्रयागराज मण्डल, श्री संतोष कुमार विश्वकर्मा, रियल स्टेट व्यवसायी एवं जिला महामंत्री पिछड़ा मोर्चा (भाजपा) तथा आए० एल० विश्वकर्मा, पत्रिका के प्रधान सम्पादक मंचासीन थे। मु० अतिथि जी ने कहा कि विश्वकर्मा समाज केवल एक समाज नहीं, यह राष्ट्र निर्माता समाज है। जिसके हाथों में सृजन होता है। “संकल्प-विकल्प नाम बहुत सार्थक है। जब हम अच्छे संकल्प लेते हैं, तभी समाज में अच्छे विकल्प खुलते हैं। यह पत्रिका हमारे युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ेगी और समाज की प्रतिभावों को मंच देगी। डा० बिन्दू विश्वकर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्वकर्मा भगवान सर्वमान्य निर्माता हैं। आज पत्रिका का विमोचन हो रहा है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। इस पत्रिका के माध्यम से समाज की शिक्षा रोजगार, स्वरोजगार आदि समस्याओं पर भी प्रमुखता से उठाया गया है। मेरा अह्वान है कि समाज का हर पढ़ा-लिखा युवा इससे जुड़े। अध्यक्ष जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि बरसों से हमारे मन में विचार था कि हमारी एक पत्रिका हो, जिसमें हमारे समाज की बात हो। आज वह संकल्प पूरा हुआ। यह पत्रिका केवल खबरों की पत्रिका नहीं होग, बल्कि यह हमारे इतिहास, हमारी संस्कृति और हमारे हुनर को सहेजने का काम करेगी। प्रधान सम्पादक आर० एल० विश्वकर्मा जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि, यह पत्रिका समाज के सभी लोगों की है। इससे हमारे बुजुर्गो के अनुभव, महिलाओं की रचनाएँ और युवाओं के विचारों को स्थान दिया गया है। अन्त में आभार ज्ञापित लालता प्रसाद विश्वकर्मा, एडवोकेट ने किया तथा मंच संचालन असिस्टेण्ट प्रोफेसर सुनील कुमार विश्वकर्मा ने किया। प्रो० एस० पी० विश्वकर्मा, डा० अजय विश्वकर्मा, आशीष विश्वकर्मा, सुरेश नारायण विश्वकर्मा, श्यामरथी विश्वकर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
