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कवि सम्मेलन में बही प्रेम की धारा, मंत्रमुग्ध रहे दर्शक युवा कवियों ने बिखेरा शब्दों का जादू

कवि सम्मेलन में बही प्रेम की धारा, मंत्रमुग्ध रहे दर्शक
युवा कवियों ने बिखेरा शब्दों का जादू

एनसीजेडसीसी द्वारा आयोजित चलो मन गंगा जमुना तीर के अंतर्गत गणतंत्र दिवस के अवसर पर गुरुवार को कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन हुआ, जिसमें युवा कवियों ने अपने शब्दों का जादू बिखेरा और प्रस्तुतियों से वाहवाही लूटी। जहां तालियों की गड़गडाहट से पूरा पंडाल गुंजयमान हो गया। रायपुर से पधारे रमेश विश्वहार जी ने अपने गीतों से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। भारत का स्वाभिमान ये परचम तुम ही से है ,दिवाली ईद का आलम तुम ही से है ,ए देश के शहीदो तुम्हें सैकड़ों नमन भारत में अमन ओ चैन का मौसम तुम ही से है की पंक्तियां पढकर खूब तालियां बटोरी। अयोध्या से पधारे हास्य वयंग्य कवि पंकज श्रीवास्तव ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को भरपूर हंसाया उन्होंने खुद मे एक सेलीब्रेटी की झलक पाता हूँ, जब से नुक्कड़ पर चाय का ठेला लगाता हूँ से श्रोताओं को खूब मनोरंजन किया। मध्य प्रदेश के ओज कवि काज़ी ने अपने ग़ज़लों से श्रोताओं को सोचने पर विवश कर दिया। नई दिल्ली से पधारी कवियत्री पावनी कुमारी ने अपनी कविताओं से श्रोताओं का दिल जीत लिया। उस कविता को नहीं बांचते जिसमें हिंदुस्तान नहीं की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। शैलेंद्र मधुर ने अपने गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर डाला। उन्होंने खींची है इस प्रदेश में विकास की रेखा रहती है अमन चैन से सलमा व सुलेखा निवेश कर रहे हैं विदेशी भी अब यहां यूपी नहीं देखा तो कुछ भी नहीं देखा। प्रख्यात शायर नयाब बलियावी हास्य व्यंग के युवा कवि अमित श्रीवास्तव जौनपुरी,युवा कवि योगेश ओझा डॉ विजयाआनंद, विवेक सत्यांशु, सहित अन्य रचनाकारों ने काव्य पाठ किया। गुरुवार को कार्यक्रम का आगाज देवीगीत से होती है। उसके बाद एक से बढकर लोकगीतों एवं लोकनृत्यों की प्रस्तुति होती होती है। सिंधीछम, कर्मा, डोमकच नृत्य लोगों के आकर्षण का केंन्द्र रहा।
कवि सम्मेलन मुशायरा की अध्यक्षता नायाब बल्यावी एवं संचालन प्रख्यात शायर नज़ीब इलाहाबादी ने किया।

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