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सिद्धार्थ नाथ सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री ने भेंड़ पालकों के प्रशिक्षण की शुरूआत की

सिद्धार्थ नाथ सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री ने भेंड़ पालकों के प्रशिक्षण की शुरूआत की

उ0प्र0 के पायलट प्रोजेक्ट ऊन प्रोसेसिंग यूनिट (गांजा) में गुणवत्तायुक्त ऊन की उपलब्धता के लिए भेंड़पालकों के प्रशिक्षण की शुरूआत की। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री, शहर पश्चिमी विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने विकास खंड भगवतपुर के ग्राम कटहुला गौसपुर में पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित ‘‘पं0 दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर’’ में कहा कि भेंड पालकों के प्रशिक्षण से भेड़ों की उन्नत नस्लें, भेड़ पालन का सही तरीका, आहार और रोग प्रबंधन संबंधित जानकारी से ऊन उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग दर्शन से प्रेरित होकर भेंड़ पालकों की आय में वृद्धि के लिए ग्राम गांजा में ऊन प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जिसके लिए अच्छी गुणवत्ता की ऊन का उत्पादन होनी चाहिए इस लिए भेंड़ पालकों का प्रशिक्षित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा यूपी में कंबल फैक्ट्री तथा कालीन उद्योग के लिए ऊन राजस्थान से आयात होता है। गांजा में बन रहा ऊन प्रोसेसिंग यूनिट एक पायलट प्रोजेक्ट है जिसके बनने से उ0प्र0 खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के द्वारा संचालित 7 कंबल फैक्ट्रियों तथा कारपेट इंडस्ट्री को उ0प्र0 में ही ऊन उपलब्ध होगा, जिससे जनपद कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ और चित्रकूट आदि जनपदों के भेंड पालक लाभान्वित होंगे। शिविर में उपस्थित सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा प्रयागराज में 2 लाख 50 हजार भेडें हैं तथा कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ और चित्रकूट में कुल 6 लाख 50 हजार भेडें हैं जिनके लिए रोग प्रबंधन तथा उक्त सभी जनपदों में प्रशिक्षण शिविर लगने चाहिए जिससे भेड़ पालकों को जानकारी तथा ऊन प्रोसेसिंग यूनिट को अच्छी ऊन उपलब्ध हो सके।
शिविर में दूर-दूर से पशुपालक अपने पशुओं के साथ तथा क्षेत्र के सभी भेंड पालक अपनी भेड़ों के साथ आए थे। सभी पशुओं को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पशु चिकित्सकीय टीम उपस्थित रही। पशु चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में भेड़ों को सामूहिक दवापान कराया गया। अपर निदेशक पशुपालन विभाग डॉ आर पी राय ने शिविर के उदेश्य से अवगत कराते हुए बताया कि सभी विकास खंडो में इस तरह के निशुल्क शिविर पशुपालन विभाग की तरफ से कराए जा रहे हैं तथा पशुपालको को शिविर में प्रतिभाग कर चिकित्सकीय सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य तकनीकी अधिकारी भेंड एवं ऊन डॉ यू एन सिंह ने शिविर में बताया कि उच्च ऊन क्वालिटी के भेड़े, भेंडो की नस्ल सुधार हेतु क्षेत्र में बटवाए जा रहे है। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराकर भेंड पालकों की आमदनी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर में लगभग 7500 पशुओं का पंजीकरण किया गया जिसमें लगभग 6500 भेंडो का दवापान कराया गया।
इस मौके पर रमाशंकर शुक्ल सदस्य खादी ग्रामोद्योग, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ संजय शर्मा, राम अवतार यादव जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, मुख्य तकनीकी अधिकारी डॉ यू एन सिंह, डॉ आनंद मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

 

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