जन जन तक योग की पहुंच सुनिश्चित करें शिक्षक- प्रोफेसर सीमा सिंह

रिपोर्ट:कुलदीप शुक्ला
मुविवि में राजकीय शिक्षकों का योग प्रशिक्षण प्रारम्भ,उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा के तत्वावधान में उच्च शिक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रायोजित उत्तर प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों के शारीरिक शिक्षा के अध्यापकों का छह दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार से प्रारंभ हुआ। लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने कहा कि योग से ही निरोग रहकर आरोग्य प्राप्त किया जा सकता है। योग की महत्ता आज हर कोई स्वीकार कर रहा है। प्रोफेसर सिंह ने योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसकी जन जन तक पहुंच को सुनिश्चित करने हेतु राजकीय महाविद्यालयों से आए शारीरिक शिक्षा के प्राध्यापकों का आह्वान किया। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय ने योग के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। यहां से निकले विद्यार्थी महत्वपूर्ण स्थानों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विश्वविद्यालय के योग के पाठ्यक्रम काफी लोकप्रिय हैं। जिसका लाभ समाज को मिल रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निदेशक उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश डॉ ब्रह्मदेव ने कहा कि योग की प्राचीन परंपरा हमारे राष्ट्र की धरोहर है और इसे आज के व्यस्त जीवन में सबके लिए धारण करना अनिवार्य हो गया है। जिससे समग्र स्वास्थ्य अर्जित हो सके। उन्होंने प्राध्यापकों से इलेक्ट्रॉनिक एवं इंटरनेट का दुरुपयोग रोकने की अपील की तथा उसके सदुपयोग के महत्व पर भी प्रकाश डाला। शिक्षा निदेशक ने कहा कि प्राध्यापक यहां से जो सीखें वह हमारे छात्रों को सिखाएं। यह हमारी पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि हमारे बच्चे स्वस्थ रहें। हम दूसरे देशों का मुकाबला तभी कर पाएंगे जब हम स्वस्थ रहेंगे।
विशिष्ट अतिथि संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश डॉ सुनंदा चतुर्वेदी ने कहा कि शारीरिक शिक्षा से तन स्वस्थ होता है किंतु योग के सम्मिलन से मन और तन दोनों प्रफुल्लित तथा आरोग्य को प्राप्त करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से शारीरिक शिक्षा एवं योग के सम्मिलित अभ्यास से एक नए परिवेश की संकल्पना को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने योग की महत्ता और उसके नवाचार की प्राध्यापकों हेतु आवश्यकता तथा शिक्षकों हेतु रिफ्रेशर कोर्स को आज की जरूरत बताया।
विषय प्रवर्तन करते हुए बीज वक्ता प्रोफेसर गिरिजा शंकर शुक्ल निदेशक स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने दीर्घायु योजना में योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मानव जैविक घड़ी को प्रकृति के अनुरूप और उसके तारतम्य में स्थापित करने से प्राप्त होने वाले दीर्घायु जीवन आरोग्य एवं उत्कृष्ट कार्यक्षमता की वृद्धि के रहस्य उजागर किए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ मीरा पाल तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव श्री विनय कुमार ने किया। अन्य तकनीकी सत्रों में योग शिक्षक श्री अमित कुमार सिंह ने योग निद्रा सूक्ष्म योग पंचकोश ध्यान योग योग का अर्थ विकास एवं महत्व पर प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी। योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालयों के 42 शारीरिक शिक्षा अध्यापक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के निदेशक शैक्षिक परामर्शदाता शिक्षक कर्मचारी तथा प्रतिभागी आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम निदेशक प्रोफेसर जी एस शुक्ल ने बताया कि 6 दिन तक चलने वाले योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के जाने-माने योग शास्त्र के विद्वानों को आमंत्रित किया गया है जो प्रतिभागियों को सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
