ग्रीष्मकालीन लोककला कार्यशाला का उद्घाटन मुख्यअतिथि वरिष्ठ कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा ने किया

लोक कलाएं भारतीय संस्कृति की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर : रवीन्द्र कुशवाहा,
“लोक कलाएं हमारी भारतीय संस्कृति की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है जिसमें मधुबनी, वर्ली कला, गोंड आर्ट, लिप्पन आर्ट, अल्पना सतिया आदि कलाओं का संरक्षण संवर्धन जरूरी है यह बात मुख्य अतिथि राज्य ललित कला अकादमी के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य रवीन्द्र कुशवाहा ने सम्मान कल्चर आर्ट फाउंडेशन उत्तर प्रदेश की ओर से ग्रीष्मकालीन लोक कला कार्यशाला- 2023 का उद्घाटन करते हुए कहीं। मुख्य अतिथि ने फीता काटकर लोककला कार्यशाला का उद्घाटन किया। कार्यशाला कोल्हन टोला बाध मंडी प्रयागराज में 6 जून से 15 जून तक आयोजित की जा रही है। संस्था के प्रदेश सचिव विशिष्ट अतिथि कलाकार नीरज कुशवाहा हिंदुस्तानी ने बताया कि कार्यशाला प्रयागराज,बनारस व अन्य जिले में भी कराया जा रहा है जिसमें लोक कला को एक सांस्कृतिक विरासत के रूप में बढ़ावा मिले। कार्यशाला की संयोजक संस्था सदस्य नसरह इस्लाम ने कहा मुझे प्रकृति व लोककला से बहुत लगाव है बच्चों को कलात्मक अभिव्यक्ति करने को दिशा निर्देशित करूंगी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में 6 वर्ष से 18 वर्ष के सभी अभ्यर्थी शामिल हैं, सभी को प्रशिक्षण के उपरांत प्रमाण पत्र व पुरस्कार “सम्मान कल्चर आर्ट फाउंडेशन द्वारा दिया जाएगा ।
