ग्रीष्म कालीन चित्रकला कार्यशाला में बनाई गई कृतियों की चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन

बच्चों द्वारा बनाए गए चित्र सुंदर एवं प्रभावशाली हैं:डॉ.अग्रवाल
प्रयागराज। राज्य ललित कला अकादमी उ.प्र. (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) द्वारा आयोजित ग्रीष्म कालीन कला कार्यशाला में बनाए गए चित्रों की तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी का उद्घाटन करैली नयापुरा स्थित ब्लू बेल स्कूल में हुआ। प्रदर्शनी में 10 से 17 वर्ष तथा 18 से 25 साल के बच्चों द्वारा बनाए गए वाटर, एक्रेलिक आयल कलर के चित्र, ज्वेलरी एवं मूर्तियां प्रदर्शित की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. श्याम बिहारी अग्रवाल पूर्व विभागाध्यक्ष दृश्य कला विभाग ने कहा कि ऐसे बच्चे जिन्हें कला की कोई जानकारी ना हो उनके द्वारा इतनी सहजता से सुंदर चित्र बनाना काफी प्रभावित करते हैं। विशिष्ठ अतिथियों में श्री भानु प्रसाद तिवारी (पूर्व प्रधानाचार्य सर्वाय कालेज), आशुतोष कुमार त्रिपाठी (एसोसिएट प्रोफेसर), राकेश गोस्वामी (कला इतिहासकार, समीक्षक) ने बच्चों द्वारा बनाए गए कृतियों की प्रशंसा की । मुख्य प्रशिक्षक तलत महमूद (वरिष्ठ कलाकार) ने बच्चों को टिप्स देते हुए कहा कि कार्यशाला में बच्चों ने चित्रकला की जो बारीकियां सीखी हैं उनका प्रयोग करते हुए आगे भी चित्र बनाते रहना होगा।
संयोजक रवीन्द्र नाथ कुशवाहा (पूर्व कार्यकारिणी सदस्य राज्य ललित कला अकादमी उ.प्र.) ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने सभी मेहमानों का स्वागत एवं धन्यवाद दिया। इस मौके पर श्री संदीप कुमार कुशवाहा (प्रबंधक), अतुल कुशवाहा, पंकज गौड़, कसीम फारुकी, डॉ. उज़मा, प्रशिक्षक शुभम मौर्या, शिवम सिंह प्रजापति, प्रशिक्षिका सुम्बुल परवीन, स्वाति कुशवाहा व साहिना बानो सहित काफी तादाद में बच्चे और उनके गार्जियन उपस्थित रहे।
