आत्मचेतना से ही मनुष्य श्रेष्ठ- प्रोफेसर सिन्हा
आत्मचेतना से ही मनुष्य श्रेष्ठ- प्रोफेसर सिन्हा
मुविवि में भारतीय संस्कृति की मूल चेतना पर व्याख्यान
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान विद्या शाखा के तत्वावधान में बुधवार को सरस्वती परिसर के लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में भारतीय संस्कृति की मूल चेतना विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर ए के सिन्हा, पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग, महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली ने व्याख्यान देते हुए कहा कि आत्म चेतना मनुष्य को निरंतर गतिशील बनाए रखती है। चेतना की अभिव्यक्ति ही गतिशीलता प्रदान करती है। मनुष्य पशुओं से इसलिए श्रेष्ठ है क्योंकि उसमें आत्म चेतना होती है। आत्म चेतना मनुष्य को श्रेष्ठता प्रदान करती हैं।
प्रोफेसर सिन्हा ने कहा कि आत्म चेतना के कारण ही आगे बढ़ने की प्रवृत्ति संस्कृति का विक...

