मन-मस्तिष्क में अनेक प्रकार के विचारों का जन्म लेना ही वास्तविक सृजनात्मकता है: जस्टिस सुधीर नारायण
मन-मस्तिष्क में अनेक प्रकार के विचारों का जन्म लेना ही वास्तविक सृजनात्मकता है: जस्टिस सुधीर नारायण
राज्य ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का उद्घाटन,ब्लू बेल स्कूल में जूनियर कलाकार सिखेंगे पेंटिंग के हुनर, कलाकार अपने भावनात्मक पहलू को कला के द्वारा प्रदर्शित करता है। कला के माध्यम से कलाकार अपनी कला को अभिव्यक्त कर समाज में जागरूकता पैदा करता है। इस तरह मानव मन-मस्तिष्क में अनेक प्रकार के विचारों का जन्म होता हैं। यही वास्तविक सृजनात्मकता है।
यह बातें राज्य ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला के उद्घाटन के मौके पर मुख्य अतिथि जस्टिस सुधीर नारायण अग्रवाल ने करेली के नयापुरा ब्लू बेल स्कूल में कहीं। उन्होंने फीता काटकर और कैनवास पर चित्र बना कर कार्यशाला का उद्घाटन किया। विशिष्ट अतिथि असिस्टेंट प्रोफेसर सचिन सैनी (इविवि) ...









