मोदी सरकार 2.0 के अंतिम पूर्ण बजट एक औसत बजट था,महेन्द्र गोयल,प्रदेश अध्यक्ष, कैट
मोदी सरकार 2.0 के अंतिम पूर्ण बजट एक औसत बजट था,महेन्द्र गोयल,प्रदेश अध्यक्ष, कैट
बजट दूरगामी और भविष्य को देखकर तैयार किया गया लगता है इसमें वेतन भोगी को छोड़कर तात्कालिक रूप से व्यापार और उद्योग को कोई राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है।
वेतनभोगी का ध्यान रखते हुए आयकर की सीमा 7 लाख की करने से बाजार में नगदी का प्रभाव बड़ेगा।
Msme को ब्याज में 1% की छूट अच्छा कदम है पर सरकार को कोलेट्रल को 2 करोड़ से 5 करोड़ करना था।
व्यापारियों को उम्मीद थी कि सरकार जीएसटी को लेकर कोई बड़ी घोषणा करेगी। पार्टनरशिप फर्म को इनकम टैक्स में छूट देगी और ई कामर्स कंपनियों के लिए किसी नीति की घोषणा करेगी परंतु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। एक राष्ट्र एक टैक्स की तर्ज पर एक राष्ट्र एक लाइसेंस की नीति लाएगी, वहां भी निराशा हुई।
बजट में सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल को सस्ता किया है जो प्रधानमंत्री नरेंद्...









