समदरिया स्कूल में हुआ “सनातन परंपरा और नवाचार शिक्षा” विषय पर व्याख्यान
समदरिया स्कूल में हुआ "सनातन परंपरा और नवाचार शिक्षा" विषय पर व्याख्यान
चरित्र निर्माण में संस्कारों का अत्यधिक महत्व होता है। छात्रों को अच्छे संस्कारों का आचरण करना चाहिए जिससे वे उत्कृष्ट नागरिक बन सकें। यह बातें पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ ने कही। दांदूपुर स्थित समदरिया स्कूल में "सनातन परंपरा और नवाचार शिक्षा" विषय पर व्याख्यान दे रहे थे। उन्होंने कहा कि संस्कारों की कमी के कारण ही अच्छे परंपरागत मानवीय मूल्य लुप्त होते जा रहे हैं। इसके लिए शिक्षण संस्थानों को सजग होना पड़ेगा। मजबूत और सशक्त भारत का निर्माण युवा पीढ़ी के योगदान पर निर्भर करेगा।
जगद्गुरु ने विष्णु पुराण में उल्लिखित 'सा विद्या या विमुक्तये ' को परिभाषित करते हुए कहा कि पौराणिक काल में शिक्षा नैसर्गिक योग्यताओं के विकास पर बल देती थी। आज विद्या युवा वर्ग को उन्मुक्त करने की बजाय नियुक्ति के...









