अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल में आंतरिक राजनीति के तहत महानगर इकाई को झूठे एवं कथित तौर पर भंग किया गया

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल महानगर आंतरिक राजनीति का शिकार हुआ जिसके अंतर्गत जिला कार्यवाहक अध्यक्ष जिन्हें अभी तक पद प्राप्त होने का पत्र भी नही मिला है एवं क्षेत्रीय प्रभारी ने कथित तौर पर महानगर इकाई को भंग किया और बिना किसी ठोस आधार के बिना किसी कागज़ी कार्यवाही के महानगर अध्यक्ष को हटाकर नया महानगर अध्यक्ष घोषित किया । यह पूरी तरह नियम विरुद्ध है। झूठ आधारों के सहारे पर यह पूरी प्रक्रिया की गई है। जबकि महानगर अध्यक्ष को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा कोई लिखित सूचना प्राप्त नही हुई है । इधर जब महानगर अध्यक्ष नीरज जायसवाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल से बात किया तो उन्होंने आश्वासन दिया कि यह पूरी प्रक्रिया नियम एवं अनुशासन विरुद्ध है एवं इस पर ठोस कार्यवाही होगी इसके अतिरिक्त यह भी कहा कि क्या आपको ऐसा कोई लेटर मंडल की ओर से प्राप्त हुआ है जिसमें कार्यवाही भंग होने के अनुशंसा की गई हो, यदि नहीं तो आप अपने पद का पालन करें और उसी अनुरूप अपना कार्य करें ।इसके अतिरिक्त यह भी कि महानगर इकाई ने अपनी कुल 55 सदस्यों की सूची राष्ट्रीय अध्यक्ष को, प्रदेश महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को भी प्रेषित की है ।अब यह सोचनीय विषय है कि किसी राष्ट्रीय मंडल में इस तरह की नियम विरुद्ध अनुशासन के विरुद्ध कार्यवाही कहाँ तक सही है.यह जानकारी व्यापारी नेत्री स्वाती निरखी ने दी।
