Friday, January 30Ujala LIve News
Shadow

सात दिवसीय दक्षिण भारत की धर्मयात्रा सम्पन्न माघमेला प्रयागराज पहुचे शंकराचार्य

सात दिवसीय दक्षिण भारत की धर्मयात्रा सम्पन्न माघमेला प्रयागराज पहुचे शंकराचार्य

त्रावणकोर राजपरिवार द्वारा जगद्गुरु अधोक्षजानंद देवतीर्थ का जोरदार स्वागत,
हैदराबाद में केंद्रीय मंत्री ने किया अगवानी,
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री भी रहे साथ।
द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं 52 शक्तिपीठ दर्शन के अंतर्गत अखंड भारत भ्रमण के क्रम में सात दिवसीय दक्षिण भारत यात्रा पर तिरवनंतपुरम पहुंचे पूर्वाम्नाय गोवर्धन मठ पुरी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अधोक्षजानंद देवतीर्थ का भव्य स्वागत किया गया।

उन्होंने श्रीपद्मनाभ स्वामी मंदिर में वैदिक परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ विश्व कल्याण हेतु प्रार्थना किया। त्रावणकोर राजमहल परिसर में तीन दिवसीय श्रीचक्र पूजा का विशेष अनुष्ठान शंकराचार्य के पावन सान्निध्य में बाल मुरली नंबूदरी , एवं प्रमोद नंबूदरी के आचार्यत्व में संपन्न हुआ।


श्रीचक्र पूजा का आयोजन महाराजा उत्तराढम तिरुनल मार्तंड वर्मा फाउंडेशन के तत्वावधान में किया गया। त्रावणकोर की राजकुमारी पद्मश्री अश्वथी तिरुनाल गौरी लक्ष्मीबाई ने राजपरिवार की ओर से शंकराचार्य अधोक्षजानंद तीर्थ का स्वागत किया। राजकुमारी को हाल ही में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया गया है।

इस अवसर पर सुपर स्टार एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेश गोपी, प्रमुख उद्योगपति शशिकिरण शेट्टी, केजे पुरुषोत्तम रेड्डी ने माल्यार्पण कर शंकराचार्य से आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री राज्यसभा सांसद हरियाणा भाजपा प्रभारी विप्लव कुमार देव सहित अनेक संत एवं विद्वान भी उपस्थित थे। धार्मिक यात्रा के सिलसिले में शंकराचार्य प्रसिद्ध अट्टूकाल मंदिर में भी गये एवं पूजा-अर्चना की। वहां प्रबंध समिति की अध्यक्ष शोभा, सचिव सरथ कुमार, एवं राजेश कुमार ने उनका स्वागत किया।
इससे पूर्व सात दिवसीय यात्रा की शुरुआत करते हुए शंकराचार्य सबसे पहले 26 जनवरी को हैदराबाद पहुंचे। वहां एयरपोर्ट पर स्थानीय लोगों ने उनका जयकारें के साथ स्वागत किया। तत्पश्चात महानगर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता केन्द्रीय केविनेट मंत्री दर्जा भारत सरकार, हंसराज अहीर, प्रसिद्ध व्यवसायी राजन मान सिंह, मल्ल विशारद भरत पहलवान एवं डाक्टर उदय मिश्र ने स्वागत किया। तदुपरांत शंकराचार्य तमिलनाडु पहुंचे। वहां तीन समुद्र के संगम पर स्थित कन्याकुमारी शक्तिपीठ का दर्शन पूजन किया।यहां देवी को नारायणी और भैरव को निमिष कहते हैं। कन्याकुमारी में रामानन्द संत आश्रम में शंकराचार्य जी के आगमन पर साधु-संतों ने स्वागत सत्कार किया। इसके साथ ही तेलुगु, तमिल एवं मलयाली भाषा के समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों ने विशेष कवरेज दिया। यात्रा पूर्णकर शंकराचार्य प्रयागराज पहुंच गये हैं यहां माघमेला त्रिवेणी रोड स्थित पुरी शंकराचार्य शिविर में बसंत पंचमी तक प्रवास कर विभिन्न धार्मिक सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेगे और श्रद्धालों धार्मिक जनों को आशिर्वचन प्रदान करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *