पुराने दोस्त, सुनहरी यादें और आजीवन साथ का उत्सव
वाराणसी में जुटा “100 पढ़ा ना एक प्रतापगढ़” परिवार, दो दिनों तक बिखरी मित्रता की रंगीन छटा

प्रयागराज।
कुछ रिश्ते समय के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि हर मुलाकात के साथ और गहरे होते जाते हैं। बचपन और युवावस्था की दोस्ती जब वर्षों बाद एक मंच पर लौटती है, तो बीते दिनों की यादें वर्तमान की खुशियों में बदल जाती हैं। ऐसी ही आत्मीयता, अपनत्व और मित्रता का अद्भुत संगम देखने को मिला वाराणसी में, जहाँ “100 पढ़ा ना एक प्रतापगढ़” परिवार का वार्षिक रियूनियन 2026 आयोजित किया गया।
मित्रता, विश्वास और पुराने रिश्तों को फिर से जीवंत करने के उद्देश्य से आयोजित यह दो दिवसीय आयोजन 8 एवं 9 अगस्त 2026 को वाराणसी के एक प्रमुख रिसॉर्ट में सम्पन्न हुआ। देश के विभिन्न शहरों और राज्यों से जुड़े मित्र इस विशेष अवसर पर एक-दूसरे से मिलने के लिए वाराणसी पहुँचे। लंबे अंतराल के बाद हुई मुलाकातों ने माहौल को भावुक भी बनाया और उल्लास से भी भर दिया।
वर्षों पुरानी दोस्ती फिर हुई ताजा
“100 पढ़ा ना एक प्रतापगढ़” केवल एक नाम नहीं, बल्कि उन मित्रों की साझा स्मृतियों और रिश्तों का ऐसा परिवार है, जिसे समय और दूरी भी अलग नहीं कर सकी। रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी, अलग-अलग शहरों में निवास और बदलती परिस्थितियों के बावजूद मित्रों के बीच आत्मीयता आज भी कायम है। वार्षिक रियूनियन इसी भावना को मजबूत करने का एक माध्यम बन चुका है।
कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षों पुराने मित्रों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना, आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत करना तथा जीवन के उन अविस्मरणीय पलों को फिर से साझा करना रहा, जिनकी यादें आज भी सभी के मन में ताजा हैं।
स्वागत से शुरू हुआ यादगार सफर
8 अगस्त, शनिवार को प्रतिभागियों के आगमन और पंजीकरण के साथ रियूनियन की शुरुआत हुई। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुँचे मित्रों का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद परिचय सत्र आयोजित हुआ, जिसमें वर्षों बाद मिले दोस्तों ने एक-दूसरे के साथ पुरानी यादें साझा कीं।
सामूहिक भोज के साथ कार्यक्रम में आत्मीयता और बढ़ी। इसके बाद इंडोर एवं आउटडोर खेल प्रतियोगिताओं ने माहौल में उत्साह भर दिया। उम्र और व्यस्तताओं की सीमाएँ उस समय कहीं दिखाई नहीं दीं। सभी प्रतिभागी उसी पुराने अंदाज में खेलते, हँसते और एक-दूसरे की टांग खींचते नजर आए, जैसे वर्षों पहले साथ हुआ करते थे।
शाम को आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संगीत संध्या ने कार्यक्रम को और यादगार बना दिया। गीत-संगीत के बीच पुरानी यादें ताजा हुईं और मित्रों ने जमकर आनंद लिया। इसके साथ ही पूल पार्टी और रात्रिभोज ने पहले दिन के उत्सव को पूर्णता प्रदान की।
काशी की आध्यात्मिक यात्रा
रियूनियन के दूसरे दिन 9 अगस्त, रविवार को मित्रों ने वाराणसी के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। प्रतिभागियों ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर और संकट मोचन मंदिर में दर्शन-पूजन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
दो दिनों तक चले इस आयोजन में मनोरंजन और मित्र मिलन के साथ काशी की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी मिला। धार्मिक स्थलों के दर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से समय बिताया और काशी की विशिष्ट संस्कृति को करीब से महसूस किया।
“यह केवल रियूनियन नहीं, रिश्तों का उत्सव है”
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक नीरज चतुर्वेदी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक रियूनियन नहीं है, बल्कि मित्रता, विश्वास और आजीवन रिश्तों का उत्सव है। उनका कहना था कि ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों और पुराने मित्रों से जोड़ते हैं। वर्षों पुरानी यादों को फिर से जीने के साथ-साथ हर रियूनियन नई स्मृतियों को भी जन्म देता है, जिन्हें आने वाले वर्षों तक याद किया जाता रहेगा।
बिछड़ते समय फिर मिलने का वादा
दो दिवसीय आयोजन के समापन पर सामूहिक छायाचित्र और विदाई समारोह आयोजित किया गया। कैमरे में कैद तस्वीरों में केवल चेहरे नहीं थे, बल्कि वर्षों की दोस्ती, अनगिनत यादें और एक-दूसरे के प्रति आत्मीयता भी दिखाई दे रही थी।
मुंबई, दिल्ली, गोवा, आगरा, प्रतापगढ़, कोलकाता सहित विभिन्न स्थानों से आए प्रतिभागियों ने एक-दूसरे को विदाई दी। विदाई के क्षणों में चेहरे पर मुस्कान के साथ अगली मुलाकात की प्रतीक्षा भी साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजीव शुक्ला, राहुल शुक्ला, अमिताभ मिश्रा, नीरज केशरवानी, अनुराग गुप्ता, बसंत मिश्रा सहित अनेक मित्रों ने सहभागिता की।
“100 पढ़ा ना एक प्रतापगढ़” परिवार का यह वार्षिक रियूनियन एक बार फिर यह संदेश दे गया कि सच्ची मित्रता समय, दूरी और परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। वर्षों बाद भी जब दोस्त एक साथ बैठते हैं तो बीता हुआ समय जैसे फिर लौट आता है और बचपन की हँसी वर्तमान में गूंजने लगती है।
“पुराने दोस्त – सुनहरी यादें – आजीवन साथ” की भावना के साथ वाराणसी में सम्पन्न हुआ यह मित्र मिलन लंबे समय तक सभी प्रतिभागियों के लिए एक खूबसूरत और अविस्मरणीय स्मृति बना रहेगा।
