साइबर थाने की पुलिस ने अंतर्राजीय ठग को दबोचा

फर्जी ट्रेजरी अफसर बनकर सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के साथ पेंशन को आनलाइन माध्यम से खाते में भेजने के नाम पर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग के मुख्य सदस्य/वांछित अभियुक्त को साइबर अपराध थाना द्वारा कोलकाता, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज,अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज, पुलिस उपायुक्त नगर कमिश्नरेट प्रयागराज के निर्देशन एवं सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज पर पंजीकृत आईटी एक्ट की घटना कारित करने वाले गैंग के मुख्य सदस्य वांछित अभियुक्त को साइबर अपराध के गढ़ कहे जाने वाले बारसलीगंज
जनपद नवादा बिहार निवासी को कोलकाता, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया।
घटना का विवरण- सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के साथ पेंशन को आनलाइन माध्यम से खाते में भेजने के नाम पर फर्जी ट्रेजरी अफसर बनकर वादी मुकदमा से ओटीपी पूछकर साइबर ठगी की घटना को कारित किया। जिसके क्रम में के साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज पर पंजीकृत मुकदमे के वादी के साथ लगभग 9,93,000.00 (नौ लाख तिरानवे हजार रुपये) की साइबर ठगी की गई थी। जिसमें थाना स्थानीय की टीम द्वारा खाता धारको की जानकारी, घटना में प्रयुक्त मोबाइल नम्बर, एटीएम से पैसे को निकालने वालो की सीसीटीवी, मोबाइल नम्बरो की सघन जाँच व तकनीकी के माध्यम से घटना का सफल अनावरण किया गया है। मुख्य सगरना की गिरफ्तारी हेतु प्रयास जारी है।

अपराध का तरीका – गिरफ्तार अभियुक्त से अपराध के बारे में पूछा गया तो बता रहे है कि सर हम लोग चार से पाँच ग्रुप में बँटकर काम करते है जिसमें हमारा एक ग्रुप फर्जी मोबाइल सिम को (पश्चिम बंगाल, उडीसा, असम, कर्नाटक, तमिलनाडू) आदि राज्यों से खरीद कर उपलब्ध कराता है जिससे दूसरा ग्रुप लोगो को काल करता है तथा उन्हें अपनी स्कीम बताता है जिसके बाद लोगो का अपने जाल में फंसा कर उनसे उनके खाते का ओटीपी प्राप्त कर एक्सेस ले लेते है जिसके बाद तीसरा ग्रुप जो बैंक खातो को पहले से कलेक्ट किया रहता है उन बैंक खातो में पैसा भेजते है तथा पुलिस जल्दी पकड़ न पाये इसलिए कई खातो में घुमाते है। जिसके बाद उन खातो का एटीएम पिन हमारे चौथे ग्रुप के पास होता होता है जो हमें दिया जाता है उन एटीएम कार्ड से हम पश्चिम बंगाल, झारखण्ड राज्यो के एटीएम में जाकर पैसे निकालते है तथा अपने बास को कन्फर्मेशन व्हाट्सअप पर भेजते है
जिसके बाद लगातार हमको डाटा आता रहता है और हम पैसा निकालते रहते है सभी ग्रुप के लोगो का काम के हिसाब से कमीशन फिक्स रहता है। हम अपने से ऊपर बाले ग्रुप को पैसा दे देते है, उसके बाद वह कैस में किसके पास जाता है इसकी जानकारी मुझे नहीं है। व पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि फर्जी ट्रेजरी आफीसर के अलावा सोशल मीडिया (फेसबुक, इन्स्टाग्राम) पर एडवरटाइजमेंट के माध्यम से इन्सटेन्ट लोन देने के नाम पर भी साइबर ठगी का काम करते हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त शंकर कुमार निराला उर्फ सोनू पुत्र शशिभूषण प्रसाद निवासी ग्राम मीरबीघा, पो० चकवाय, थाना वारसलीगंज जनपद नवादा बिहार का रहने वाला है।इसके पास से एक अदद एन्ड्रायड मोबाइल फोन, 11 अदद विभिन्न बैंको के खातो की पासबुक । 3- 5 अदद विभिन्न बैंको के खातो की चेकबुक,15 अदद एटीएम कार्ड, 07 अदद फर्जी सिम कार्ड, एक अदद वाईफाई राउटरा
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम प्रभारी निरीक्षक राजीव तिवारी, आरक्षी लोकेश पटेल, आरक्षी अतुल त्रिवेदी, आरक्षी रणवीर सिंह सेंगर, आरक्षी रुप सिंह, आरक्षी अनुराग यादव, मुख्य आरक्षी आमोद कुमार (सर्विलांस सेल)।
