चोर के सपने में आये भगवान, चोरी की गई भगवान की मूर्ति की वापस, पुलिस जाँच में जुटी

प्रयागराज : संगम नगरी प्रयागराज को आस्था और धर्म की नगरी के नाम से जाना जाता है। इसी धर्म की नगरी में आस्था से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। जहां पहले तो एक चोर ने मंदिर से भगवान की 100 साल पुरानी मूर्ति को चुरा ले गया लेकिन फिर उसके साथ कुछ ऐसा हुआ कि उसने चोरी की हुई मूर्ति को एक लिखित माफीनामे के साथ वापस कर गया।
मामला प्रयागराज के गंगापार इलाके श्रृंगवेरपुर का है जहां गऊघाट आश्रम के राम जानकी मंदिर से कुछ दिन पहले एक चोर ने मंदिर का ताला तोड़कर राधा-कृष्ण की 100 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्ति चुरा ले गया। नवाबगंज पुलिस ने इस मामले में चोरी का मुकदमा दर्ज कर जांच भी कर रही थी। तभी कुछ ऐसा हुआ कि जिसे जानकर हर कोई हैरत में पड़ गया। बताया जा रहा है कि भगवान कि मूर्ति चोरी करने के बाद चोर का भगवान के प्रति आस्था जागी और उसने कुछ दिन बाद ही मूर्ति को एक लिखित माफ़ीनामे के साथ हाईवे के किनारे छोड़ गया।

बताया ये भी जा रहा है कि चोर ने माफी के लिए जो लेटर लिखा था उसमें उसने मंदिर के पुजारी से माफ़ी मांगते हुए कहा कि महाराज मुझसे अनजाने में गलती हो गई। मैंने राधा-कृष्ण की मूर्ति चोरी की जिसकी वजह से मुझे बुरे सपने आने लगे और मेरा बेटा बीमार हो गया। चोर ने मंदिर के पुजारी से ये भी कहा कि आप इन मूर्तियों को दोबारा मंदिर में रख दीजिए। जिसके बाद मंदिर के पुजारी ने राधा-कृष्ण की मूर्ति को मंदिर में स्थापित कर दिया। फिलहाल पुलिस अभी भी मामले की जांच में जुटी हुई है ताकि ये पता चल सके कि मूर्ति को चुराने वाला कौन था।
