पीड़ित की जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप,राजस्व और पुलिस विभाग की निष्क्रियता से परेशान

प्रयागराज।
उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। करछना तहसील की पैवरी ग्राम सभा निवासी दिनेश कुमार पुत्र स्वर्गीय शंकर लाल ने रविवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब, प्रयागराज के नारद सभागार में प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है। लेकिन न तो पुलिस उनकी सुनवाई कर रही है और न ही राजस्व विभाग के अधिकारी।
दिनेश कुमार ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय शंकर लाल के नाम पर 1.75 बीघा भूमि थी। वर्ष 2019 में उन्होंने इस भूमि का एक बीघा हिस्सा घनश्याम पुत्र भोलेनाथ को वैध रूप से बेच दिया था, इसके बाद उनके पिता का निधन हो गया। शेष बची जमीन पर अब चित्रकूट जनपद के रहने वाले एक व्यक्ति शिवबली सिंह जबरन निर्माण कार्य करवा रहे हैं।
पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने इस अवैध कब्जे की शिकायत स्थानीय थाने से लेकर राजस्व विभाग तक की, लेकिन हर जगह से उन्हें सिर्फ टालमटोल ही मिला। थाने ने इसे राजस्व का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया, और जब वह तहसील, एसडीएम, कानूनगो और लेखपाल के चक्कर काटते रहे, तब भी किसी अधिकारी ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा नहीं लिया।
प्रेस वार्ता में दिनेश कुमार की भतीजी साधना आदिवासी ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, “चौकी प्रभारी और लेखपाल की मिलीभगत से विपक्षी पक्ष लगातार निर्माण कार्य करवा रहा है। जब हम थाने जाते हैं तो कहा जाता है कि यह राजस्व का मामला है, लेकिन जब कब्जेदार लोग जाते हैं तो पुलिस मौके पर पहुंच जाती है और उनके रास्ते तक बनवाए जाते हैं।”
दिनेश कुमार का कहना है कि यदि लेखपाल एक बार मौके पर जाकर सीमांकन कर दें तो सारा विवाद खत्म हो सकता है। उन्होंने रोते हुए कहा कि, “हम अपने ही देश में अपनी जमीन को लेकर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। मुझे सिर्फ न्याय चाहिए,
प्रेस वार्ता के माध्यम से पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी प्रयागराज से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि जमीन पर चल रहा अवैध निर्माण रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
