धन धन साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश पर्व आस्था श्रद्धा से मनाया गया।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज श्लोक हमें विश्व बंधुत्व का संदेश देते हैं।
प्रयागराज/गुरुद्वारा साहिब अलोपीबाग मे धन धन साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश उत्सव मे प्रातः काल से ही सगत गुरुद्वारे में बड़ी श्रद्धापूर्वक के साथ श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के आगे माथा टेक कर पंक्तिबद्ध बैठकर कथा कीर्तन एवं व्याख्यान का श्रवण करती रही।
गुरुद्वारा प्रधान परमजीत सिंह बग्गा ने कहा कि आज्ञा भई अकाल की, तबै चलायो पंथ ।।सब सिखन को हुक्म है गुरू मानयो ग्रन्थ ।।
गुरू ग्रंथ जी मानिआहु, प्रगट गुरां की देह ।।जो प्रभु को मिलबो चहै, खोज शब्द मै लेह ।।
आइये, हम सभी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र की उन्नति एवं समाज के उत्थान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज श्लोक हमें विश्व बंधुत्व का संदेश देते हैं।हम सब मिलकर गुरबाणी के सिद्धांतों पर चलने का प्रयास करें।
सिख सेवा संगम के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि
विश्व को समरसता और मानवता के प्रति समर्पण की शिक्षाएं सदैव बेहतर समाज की दिशा में हमारा मार्गदर्शन का संदेश देने वाले श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व की सभी भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रकाश पर्व पर स्वर्गवासी सरदार बलवंत सिंह बग्गा के परिवार की तरफ से अखंड पाठ
शुक्रवार दिनांक 22.8.2025 से आरंभ हुआ जिसकी संपूर्णता
रविवार दिनांक 24.8.2025 को गुरुद्वारा साहिब अलोपीबाग में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ कथा कीर्तन एवं व्याख्यान तत्पश्चात अरदास,हुक्मनामा उपरांत गुरु का अटूट लंगर वितरित हुआ।जिस मे
बड़ी संख्या में सर्व धर्म के लोग उपस्थित रहे और गुरु का अटूट लंगर
छका।इस अवसर पर गुरुदीप सिंह सरना,परमजीत सिंह,सरदार पतविंदर सिंह,कुलदीप सिंह बग्गा,परमिंदर सिंह बंटी,मनु चावला,बलजीत सिंह,लखविंदर सिंह,राजेंद्र सिंह ग्रोवर,गुरबख्श सिंह,जसवीर सिंह,मनप्रीत कौर, हरजीत सिंह कथुरिया,त्रिलोचन सिंह बग्गा,मनजीत सिंह खालसा,सतेंद्र सिंह पूरी,हरजिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होकर तन मन धन से सेवा की।
वहीं दूसरी और नैनी गुरुद्वारा सगत मे धन धन साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश पर्व पर सगत प्रातः काल से ही गुरुद्वारे में श्रद्धापूर्वक पहुंच कर श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के आगे माथा टेक कर पंक्तिबद्ध बैठकर कथा कीर्तन एवं व्याख्यान का श्रवण करती रही।श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश उत्सव के अवसर पर गुरुद्वारे को फूलों और रोशनी दीपमाला सहित रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया। सेवादार सुरेंद्र सिंह ने कहा कि गुरुओं ने अपने उपदेशों व वाणियो के माध्यम से सिखों को जीवन जीने के लिए जो सिद्धांत दिए हैं उनका पालन प्रत्येक सिख धार्मिक कर्तव्य मानकर करता है इसलिए पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सभी सिखों के लिए पूज्य हैं।
सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि
श्री गुरु ग्रंथ साहिब मे 1430 अंग(पन्रे)वाले इस ग्रंथ के पहले ग्रंथी बाबा बुड्ढा जी जिन्होंने पहले पातशाही से लेकर छठी पातशाही तक सिख धर्म की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया वहीं इस ग्रंथ के पहले ग्रंथी थे।श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पूरे मानव समाज को एक सूत्र धागे में बांधते है।भेदभाव से उठकर,आपसी सद्भाव,भाईचारा,मानवता व समरसता का संदेश देने वाले श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी है।
इस अवसर पर ज्ञानी जसपाल सिंह,सुरेंद्र सिंह,कमल,चरनजीत सिंह,परमिंदर सिंह बंटी,सरदार पतविंदर सिंह,सुरजीत सिंह,सुनील सेठी,सरनजीत सिंह,उमाशंकर,जगजीत सिंह गोल्डी,कृष्ण गुलाटी,मलकियत सिंह सहित बड़ी संख्या सर्व धर्म के लोग उपस्थित रहे
