ईद मिलादुन्नबी पर दरियाबाद से निकला जुलूस, गूंजा लब्बैक या रसूल अल्लाह का नारा

की मोहम्मद से वफ़ा तूने तो हम तेरे हैं
*यह जहां चीज है क्या लौह-ओ-कलम तेरे हैं*
अकरम शगुन
कुरेशनगर में मोहिब्बाने औलिया कमेटी की जानिब हुआ लंगर तकसीम, बच्चों ने मिलाद की खुशियां मनाईं
प्रयागराज। 1500वें ईद मिलादुन्नबी की इस खास मौके पर शुक्रवार को जुम्मा की नमाज के बाद दरियाबाद कुरेशनगर से जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग बड़ी तादाद में शामिल हुए। हाथों में हरे झंडे थामे और “लब्बैक या रसूल अल्लाह” के नारे बुलंद करते हुए लोग पैग़म्बर-ए-आख़िरत हज़रत मोहम्मद साहब की आमद की खुशी में आगे बढ़ते रहे।
जुलूस का सफर दरियाबाद कुरेशनगर से शुरू होकर पीपल चौराहा, जोगी घाट, कटहरा पठानवाली होते हुए कुरेश नगर तक पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। इस दौरान कुरैसनगर में मोहिब्बाने आलिया कमेटी के सदर महबूब दावर साहब की जानिब से बच्चों-बड़ों को लंगर तकसीम किया गया।
शगुन ग्रुप चौक की तरफ से लगर किया गया कोल्डड्रिंक पानी, बिस्कुट, टॉफी, खजूर और केले आदि बांटे गए। बच्चों ने नबी-ए-करीम की मिलाद के मौके पर खुशी जताई और पूरे जोश के साथ नारे लगाते हुए माहौल को सराबोर कर दिया।
इस जुलूस में मोहिब्बाने औलिया कमेटी के सदर महबूब दावर के अलावा फरीद अब्बासी, उबेद अहमद, शफकत हुसैन, पाशा, मोबिन कुरैशी, चांद बाबा, दिलशाद एडवोकेट, शाहनवाज कुरैशी, सरफराज कुरैशी, इमरान, इरफान, शाहिद अकरम शगुन समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
इस मौके पर शगुन ग्रुप की ओर से जुलूस का इस्तकबाल किया गया। खास बात यह रही कि जगह-जगह स्टेज सजाकर नबी की आमद की खुशी में रोशनी की गई और महफिल-ए-मिलाद की रौनक देर रात तक कायम रही।
