फर्जी बैनामे से जमीन पर कब्जे का खेल जारी,निष्पक्ष जांच से होगा खुलासा असली मालिक कौन!

कुलदीप शुक्ला उजाला शिखर
प्रयागराज। नैनी थाना क्षेत्र स्थित अरैल सोमेश्वर मंदिर के पास की जमीन को लेकर विवाद अब और गहराता जा रहा है। दारागंज निवासी शिवमंगल गुप्ता और अधिवक्ता कृष्णमूर्ति तिवारी पक्ष के बीच यह मामला गंभीर रूप ले चुका है। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर कब्जे और फर्जी बैनामे का आरोप लगा रहे हैं।
शिवमंगल गुप्ता ने सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में प्रेस वार्ता कर बताया कि उन्होंने लगभग 10 वर्ष पूर्व नैनी क्षेत्र में उक्त भूमि खरीदी थी, जिसका दाखिल-खारिज भी उन्होंने करा लिया था। उनका आरोप है कि बाद में एक अधिवक्ता ने उसी जमीन को अपनी बताते हुए विवाद खड़ा कर दिया। इस पर उन्होंने राजस्व विभाग से शिकायत कर धारा 24 के तहत पैमाइश कराई और अपनी जमीन की चौहद्दी तय करवाई।
गुप्ता ने कहा कि 27 सितंबर को कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर अवैध निर्माण शुरू कर दिया, और जब उन्होंने विरोध करते हुए थाने में शिकायत दी, तो उल्टा पुलिस ने उन्हें ही शांति भंग की धारा में चालान कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री, डीजीपी, पुलिस आयुक्त प्रयागराज और एसीपी समेत कई अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि अधिवक्ता जिस भूमि को अपनी बता रहे हैं, उसका रकबा नंबर अलग है, जबकि उनकी जमीन का रकबा नंबर भिन्न है।
वहीं दूसरी ओर, अधिवक्ता कृष्णमूर्ति तिवारी के परिवार ने शिवमंगल गुप्ता के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए पलटवार किया है। तिवारी के भाई ने मीडिया के सामने दावा किया कि उन्होंने भूमि वर्ष 2006 में विधिवत बैनामा कराई थी, और तब से वे उस भूमि पर काबिज हैं। उनके अनुसार, शिवमंगल गुप्ता ने दस वर्ष बाद एक हरिजन से उसी भूमि का बैनामा अपने नाम करा लिया, जो पहले से ही उनकी थी।
तिवारी पक्ष ने यह भी मांग की है कि राजस्व विभाग इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करे, और षड्यंत्रकारी तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल यह मामला काफी पेचीदा और संवेदनशील हो गया है। दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेजों और बैनामों के आधार पर जमीन पर अधिकार जताने का दावा कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें राजस्व विभाग की जांच टीम के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि आखिरकार यह विवादित जमीन किसकी साबित होती है शिवमंगल गुप्ता की या तिवारी बंधुओं की।
