गोवर्धन पूजा: ललपुर गांव में धूमधाम से हुआ गौ-पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम

उमा शंकर मिश्रा,जबलपुर
दीपावली के अगले दिन ललपुर गांव सहित पूरे क्षेत्र में गोवर्धन पूजा का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ग्रामीणों ने गोबर से गोवर्धन प्रतिमा बनाकर पूजा-अर्चना की और गौ-वंश को सजा-संवारकर पूजन किया। यादव समाज बहुल इस गांव में गोवर्धन पूजा विशेष महत्व रखती है और यहां पीढ़ियों से चली आ रही कई परंपराओं का पालन आज भी पूरे उत्साह के साथ किया जाता है।
*दूध न बेचने की अनूठी परंपरा*
ललपुर गांव में गोवर्धन पूजा के दिन गाय का दूध बेचा नहीं जाता। इस दिन सभी ग्रामीण सामूहिक रूप से दूध का उपयोग करते हुए खीर, पकवान और अन्य मिष्ठान्न बनाते हैं। बाद में ये व्यंजन पूरे गांव में मिल-बांटकर खाए जाते हैं। यह परंपरा गौ-धन के प्रति ग्रामीणों की श्रद्धा और सामुदायिक सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है।
*पूर्व विधायक संजय यादव ने निभाई रस्में*
कार्यक्रम में क्षेत्र के पूर्व विधायक संजय यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने गोवर्धन भगवान की प्रतिमा का पूजन किया और ग्रामीणों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। गांव के प्रमुख लोगों में श्याम सुंदर यादव, छोटा श्याम, रवि यादव, रामसेवक यादव, मुकेश यादव, शंकर कुशवाहा, लखन कुशवाहा, सुरेश यादव और अजीत यादव ने सक्रिय भूमिका निभाई और गौ-माता की सेवा की।
अहीर नृत्य बना आकर्षण का केंद्र
पूजन के उपरांत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में यादव समाज की टोली ने पारंपरिक दिवारी गीत गाए और ढोल-मृदंग की थाप पर आकर्षक लाठी-डंडा नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक वेशभूषा और ऊर्जा से भरपूर नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया।
सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल रहा। गौ-माता को स्नान कराकर उन्हें रंग-बिरंगे वस्त्रों और फूलों से सजाया गया। शाम को गौ-पूजन के साथ यह पर्व श्रद्धा, आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता हुआ सम्पन्न हुआ।
