मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा: महापौर और विधायक ने किया गांधी शिल्प बाजार का उद्घाटन, 17 नवंबर तक चलेगा मेला

प्रयागराज भारत सरकार के हस्तशिल्प एवं वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त द्वारा प्रायोजित और सरायगनी ग्राम उद्योग संस्थान प्रयागराज द्वारा आयोजित ‘गांधी शिल्प बाजार’ का आज भव्य उद्घाटन हो गया। यह प्रदर्शनी हस्तशिल्पियों और हथकरघा बुनकरों के उत्पादों को एक छत के नीचे लाने का अनुपम प्रयास है, जो स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय पटल पर चमकाने का माध्यम बनेगी। मुख्य अतिथि प्रयागराज महापौर गणेश केसरवानी और विशिष्ट अतिथि विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस बाजार का शुभारंभ किया।
सिविल लाइंस के कूपर रोड, बिग बाजार के पीछे स्थित मैदान में सजाई गई इस विशाल प्रदर्शनी में देशभर से आए हस्तशिल्पियों के कालजयी उत्पादों का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। 17 नवंबर तक चलने वाले इस 10 दिवसीय बाजार में चिकनकारी की बारीक शॉल्स से लेकर ब्लॉक प्रिंट साड़ियां, कांथा क्विल्ट, बैंडनी कुर्ते, फुलकारी डिजाइन, जड़ाऊ लकड़ी के बॉक्स, हाथी की नक्काशी वाली मेजें, वुडन वॉल हैंगिंग, मूर्तिकला चेयर, लकड़ी की रंग-बिरंगी पुतलियां, थंडा सिल्वर रिंग्स, मीनाकारी नेकलेस, कांस्य की जीवंत मूर्तियां, बीडेड ब्रेसलेट और जड़ाऊ आभूषण तक सब कुछ उपलब्ध होगा। ये उत्पाद न केवल कारीगरों की महीनों की मेहनत का प्रतीक हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंतता को भी दर्शाते हैं।
आयोजन के संयोजक मो. नसीम ने बताया, “यह बाजार गांधीजी के स्वदेशी आंदोलन की भावना को जीवंत करने का प्रयास है। यहां आने वाले हर दर्शक को किफायती दामों पर शुद्ध हस्तनिर्मित वस्तुएं मिलेंगी, जो बाजार की चकाचौंध से अलग, आत्मनिर्भर भारत की सच्ची तस्वीर पेश करेंगी। हमारा लक्ष्य है कि स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाना और उनकी रचनात्मकता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना।”
मुख्य अतिथि महापौर गणेश केसरवानी ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “प्रयागराज जैसे सांस्कृतिक शहर में यह बाजार एक सुखद संयोग है। हस्तशिल्प हमारे गौरव का हिस्सा हैं, और इस प्रदर्शनी से हजारों कारीगर लाभान्वित होंगे। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि इस अवसर का लाभ उठाएं और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा दें।” वहीं, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने कारीगरों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहलें से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को पारंपरिक कला से जोड़ने का कार्य होगा।
प्रदर्शनी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वर्कशॉप और लाइव डेमो के साथ-साथ खरीदारी के लिए विशेष छूट भी उपलब्ध रहेगी। यदि आप भारतीय शिल्पकला के दीवाने हैं, तो यह बाजार आपके लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।
