स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बना रहा है कंगाल,शहर से लेकर गाँव तक विरोध

रिपोर्ट पीयूष पाण्डेय
प्रयागराज
प्रयागराज में स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं की जेब ढीली की जा रही है. स्मार्ट मीटर लगाने का काम जीएमआर स्मार्ट इलेक्ट्रिकल सिटी डिस्ट्रीब्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कर रही है.जीएमआर पावर एंड अर्बन इंफ्रा लिमिटेड की सहायक कंपनी है, कंपनी को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के द्वारा टेंडर के माध्यम से प्रयागराज और मिर्जापुर में स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका दिया गया है, प्रयागराज और मिर्जापुर जोन के लिए राशि लगभग २३८६.८२ करोड़ है, विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार उपभोक्ता प्रीपेड और पोस्टपेड मीटर में से किसी एक को चुनने का विकल्प रखता है, उपभोक्ता को अभी भी प्रीपेड या पोस्टपेड स्मार्ट मीटर में से कोई भी चुनने का अधिकार है, बिजली विभाग किसी भी उपभोक्ता के घर पर
बिना उपभोक्ता की अनुमति के जबरदस्ती स्मार्ट मीटर नहीं लगा सकती, लेकिन जीएमआर कंपनी के द्वारा प्रयागराज क्षेत्र में उपभोक्ताओं के घर पर जबरजस्ती स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है. लेकिन लगातार ये देखा गया है कि कर्मचारियों द्वारा मीटर लगाने के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा विशेष रूप से सर्विस पोल से लेकर स्मार्ट मीटर तक आर्मोर्ड केबल नहीं लगाई जा रही है जो की सुरक्षा की दृष्टि से अति आवश्यक है एवं उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन भी है, क्या आर्मर्ड केबल स्मार्ट मीटर में न लगाकर जीएमआर कंपनी को फायदा पहुंचाया जा रहा है या संबंधित अधिकारी लाभान्वित हो रहे हैं, प्रयागराज के कसारी मसारी पावर हाउस के अंतर्गत लगने वाले कई स्मार्ट मीटर में आर्म्ड केवल नहीं पाई गई हैl उपभोक्ताओं के मना करने पर भी जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, उपभोक्ताओं के विरोध करने पर बिजली विभाग के द्वारा स्थानीय प्रशासन को भी बुलाया जा रहा है और कह सकते हैं बलपूर्वक स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं जो की विद्युत अधिनियम 2003 का उल्लंघन है। इस विषय को लेकर भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष अजीत सिंह के द्वारा दोसा पावर हाउस पर धरना प्रदर्शन भी किया जा रहा था, अधिकारीयों और पुलिस से बात चीत के बाद आंदोलन को 25 नवम्बर तक के लिए स्थगित किया गया है. किसान नेता युवा मंडल अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन मोहम्मद शाकिर ने बताया की उपभोक्ताओं के आरोप सही है और उसको लेकर ही वह धरना प्रदर्शन कर रहे, उन्होंने आरोप लगाया कि संदीप सिंह एसडीओ कसारी मसारी के द्वारा उपभोक्ताओं के हितों का हनन कर रहे है और मांग की इनको तत्काल प्रभाव से उनके पद से निलंबित किया जाए, बिजली विभाग के अधिकारियों के द्वारा किस भारतीय किसान यूनियन की बैठक हुई जिसमें की सभी मांगों को रखा गया एवं 24 नवंबर तक का समय दिया गया है.
