एम एन एन आई टी में चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “इम्यूनोकॉन 2025” का हुआ भव्य शुभारंभ

प्रयागराज मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT) इलाहाबाद, प्रयागराज के एम. पी. हॉल में भारतीय प्रतिरक्षा विज्ञान समाज (Indian Immunology Society – IIS) के सहयोग से आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “इम्यूनोकॉन 2025” का भव्य शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. आर. एस. वर्मा, आईआईएस के अध्यक्ष प्रो. अमित अवस्थी, कार्यक्रम के चेयरमैन प्रो. शिवेश शर्मा, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अंबक कुमार राय तथा सह-संयोजक डॉ. समीर श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि एवं संस्थान के निदेशक प्रो. आर. एस. वर्मा ने देश–विदेश से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि MNNIT के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि पहली बार इम्यूनोकॉन जैसा प्रतिष्ठित सम्मेलन किसी प्रमुख इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन प्रतिरक्षा विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के मध्य एक सशक्त सेतु का निर्माण करते हुए भविष्य के बायोमेडिकल नवाचारों को नई दिशा प्रदान करेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य भारत जैसे विकासशील देश की वास्तविक स्वास्थ्य चुनौतियों को सामने लाना और सीमित संसाधनों में उन्नत तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के चेयरमैन प्रो. शिवेश शर्मा ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन की थीम “Immunology Meets Technology: Improving the Effectiveness and Reach of Diagnostics and Therapeutics” की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह थीम उन्नत प्रतिरक्षा अनुसंधान को किफायती, सुलभ और व्यापक स्वास्थ्य-समाधानों में परिवर्तित करने पर केंद्रित है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अंबक कुमार राय ने सम्मेलन की रूपरेखा, तकनीकी सत्रों और आगामी गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। वहीं प्रो. अमित अवस्थी ने IIS के इतिहास, उपलब्धियों और वैज्ञानिक समुदाय में इसके योगदान पर चर्चा की।
उद्घाटन सत्र के बाद वैज्ञानिक व्याख्यानों की श्रृंखला प्रारंभ हुई। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया की प्रोफेसर सत्या दांडेकर ने स्टेम सेल थेरेपी, एचआईवी संक्रमण तथा एंटीवायरल इम्यूनिटी पर अपने गहन शोध प्रस्तुत किए। आईआईटी बॉम्बे के डॉ. राहुल पुरवार ने टी-सेल थेरेपी और कैंसर उपचार से संबंधित नवीनतम शोधों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए की प्रोफेसर वाली पुलिंदरा ने सिस्टम वैक्सीनोलॉजी के क्षेत्र में उभरते दृष्टिकोणों और वैश्विक शोध प्रगति पर जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में बनारस घराने के पंडित रूद्र शंकर मिश्र की नृत्य प्रस्तुति ने सांस्कृतिक समापन को विशेष गरिमा प्रदान की। अंत में सह-संयोजक डॉ. समीर श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
