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इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, कीडगंज परिसर, में भूगोल विभाग द्वारा विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन

इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, कीडगंज परिसर, में भूगोल विभाग द्वारा विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन

प्रयागराज.

इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, कीडगंज परिसर में भूगोल विभाग द्वारा विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्रमुख वक्ता के रूप में भूगोल विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अनुपम पाण्डेय ने “पिघलते ध्रुवीय हिमशिखर वैश्विक पर्यावरणीय चेतना का जागरण” विषय पर अत्यंत सागगर्भित व ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। दृश्य सामग्री व विषयगत अनुभागों के माध्यम से प्रो. पाण्डेय नें ग्लेशियर, हिम-रेखा, महा‌द्वीपीय हिमनद, आइसशेल्फ, हिमखंड, जैसी अवधारणाओं की व्याख्या की व स्पष्ट किया कि आर्कटिक क्षेत्र विशेष रूप से क्यों अधिक संवेदनशील है। इस व्याख्यान में फाइटोप्लांकटन, समुद्री प्रजातियों, मछली की आबादी और अंततः मानव खाद्य आपूर्ति को प्रभावित करने वाले क्रमिक पारिस्थितिक परिणार्मों पर भी चर्चा की गई। नेशनल ज्याग्राफिक पत्रिका के संदर्भ से प्रो. पाण्डेय नै बताया कि वर्ष २०३६ तक आर्कटिक क्षेत्र पर हिमविहीन होने का संकट मंडरा रहा है, फलस्वरूप ध्रुवीय भालूओं के विलुप्त होने का संकट है। प्रो. पाण्डेय नें अपने व्याख्यान में जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप ध्रुवीय हिमखंडो व स्थलीय-जलीय पारिस्थितिक तंत्रों पर पड़ रहे प्रभावों पर चर्चा की, साथ ही उन्होनें इस परिघटना के वैश्विक सामाजिक-आर्थिक-पर्यावरणीय व भूराजनैतिक प्रभावों की व्याख्या की।

इस कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अतुल कुमार सिंह ने मानव-पर्यावरण सम्बन्धों के समन्वय पर बल व वि‌द्यार्थियों को गांधीवाद से सीख लेने की प्रेरणा दी। भूगोल विभाग के समन्वयक प्रो. सुनील कुमार त्रिपाठी नै अतिथियों का स्वागत किया व एवं विषय की भूमिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ अंकुर श्रीवास्तव व धन्यवाद ज्ञापन प्रो. श्रीप्रकाश सिंह द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजन में भूगोल विभाग के डॉ गिरीश कुमार, डॉ आशुतोष मिश्र, डॉ जितेन्द्र कुमार जायसवाल, डॉ दुर्गेश सिंह, व डॉ सत्यम् मिश्र नै महत्वपूर्ण योगदान किया। इस विशेष व्याख्यान में महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. दिनेश कुमार श्रीवास्तव, प्रो. राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी, प्रो. मीरा सिंह, प्रो. आनंद कुमार, प्रो. मार्तंड सिंह, प्रो. संजय सिंह, प्रो. तनुजा त्रिपाठी, प्रो. अरविंद मिश्र, श्री नरेन्द्र बाजपेयी, अन्य शिक्षकगण तथा छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया।

 

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