तिरंगे के सफरनामा में स्वतंत्रता संग्राम की झांकी का प्रदर्शन,मुविवि में निबंध,पेंटिंग एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर हर-घर तिरंगा कार्यक्रम के अंतर्गत 11से 17 अगस्त तक कार्यक्रमों की एक लंबी श्रृंखला तैयार की गई है। विभिन्न आयोजनों के दृष्टिगत विश्वविद्यालय में द्वितीय शनिवार एवं रविवार के अवकाश को निरस्त कर दिया गया है। 15 अगस्त को भी विश्वविद्यालय में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों पर भी हर घर तिरंगा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
आज से प्रारंभ हुए कार्यक्रम में समाज विज्ञान विद्या शाखा के तत्वावधान में तिरंगे के सफरनामा पर प्रदर्शनी आयोजित की गई। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने भारत माता तथा सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया। इस प्रदर्शनी में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 तक के बीच के ध्वज के विकास का क्रमवार संक्षिप्त तथ्यों तथा चित्रों के साथ प्रदर्शन किया गया। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने उक्त प्रदर्शनी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। शोध छात्रों अनुराग शुक्ला, संजय सिंह, अंबुज पांडे, प्रीति मान तथा राजकुमार आदि का प्रदर्शनी के आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। समाज विज्ञान विद्या शाखा के प्रभारी प्रोफेसर एस कुमार ने इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह का स्वागत किया। इस अवसर पर समाज विज्ञान विद्या शाखा के सभी शिक्षकों ने आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रदर्शनी के अवलोकन के लिए छात्रों का आह्वान किया।
इसी क्रम में शिक्षा विद्या शाखा की तरफ से हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अंतर्गत निबंध, पेंटिंग एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में शिक्षार्थियों एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। निबंध प्रतियोगिता में 31, स्लोगन तथा पेंटिंग प्रतियोगिता में 13 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। निबंध प्रतियोगिता का विषय भारतीय स्वतंत्रता में महिलाओं का योगदान रखा गया था, जिसमें शिक्षार्थियों में रुचि पांडे ने प्रथम, दिग्विजय सिंह ने दूसरा तथा ज्योति गुप्ता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों में पंकज कुमार ने प्रथम, प्रमोद कुमार द्विवेदी ने दूसरा तथा अशोक कुमार पाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पेंटिंग प्रतियोगिता के अंतर्गत शिक्षार्थी वर्ग में पवित्रा निषाद तथा दिग्विजय सिंह ने संयुक्त रुप से प्रथम,उज्जवल कुमार दास ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। पेंटिंग प्रतियोगिता में गैर शैक्षणिक वर्ग में पंकज कुमार ने प्रथम एवं प्रमोद कुमार तथा रामानंद यादव को संयुक्त रूप से द्वितीय तथा अशोक कुमार पाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्लोगन हेतु ऑनलाइन स्लोगन आमंत्रित किये गये। 29 प्रतिभागियों ने अपना ऑनलाइन स्लोगन प्रेषित किया। जिसमें गौरव कुमार राय को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इनका स्लोगन था “विश्व गुरु भारत का परचम दुनिया में लहराना है तीन रंग में रंग जाए धरती हर घर तिरंगा फहराना”। इस प्रतियोगिता में अजय कुमार श्रीवास्तव तथा शशि श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया । अजय कुमार श्रीवास्तव का स्लोगन था “अभिमान तिरंगा है अरमान तिरंगा है मेरी शान तिरंगा है मेरी जान तिरंगा है” वहीं शशि श्रीवास्तव भी जो दूसरे स्थान पर रहीं उनका स्लोगन था “लहरा दो तिरंगा फहराया तिरंगा दिलों में बसाकर तिरंगा हर घर पहुंचा दो तिरंगा”। स्लोगन प्रतियोगिता में तृतीय स्थान पर सुरेश कुमार शर्मा रहे। इनका स्लोगन था “राष्ट्रीयता का प्रदर्शन है घर-घर तिरंगा तेरे घर तिरंगा मेरे घर तिरंगा” । इस प्रकार निबंध, पेंटिंग एवं स्लोगन प्रतियोगिता में कुल 17 प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेता घोषित किया गया । प्रतियोगिता के अंत में विश्वविद्यालय के यशस्वी कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया । कार्यक्रम के निदेशक एवं शिक्षा विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर प्रशांत कुमार स्टालिन ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उक्त प्रतियोगिताओं के संचालन में शिक्षा विद्या शाखा के शिक्षकों का विशेष योगदान रहा।
