संस्कार पढ़ाए नहीं अनुसरण किए जाते हैं – डॉ जी एस तोमर

राजकीय महाविद्यालय, सैदाबाद, प्रयागराज के राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के चौथे दिन नशा मुक्ति एवं स्वस्थ जीवन पर व्याख्यान एवं जागरूकता रैली आयोजित*
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राजकीय महाविद्यालय, सैदाबाद, प्रयागराज की राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन का आयोजन महावीर सुमित्रा महिला महाविद्यालय परिसर में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य एवं विश्व आयुर्वेद मिशन के अध्यक्ष एवं आरोग्य भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जी. एस. तोमर ने “नशा मुक्ति और स्वस्थ जीवन” विषय पर सारगर्भित एवं प्रेरणादायी व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में डॉ. तोमर ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में स्वास्थ्य को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने एंटीबायोटिक दवाओं के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए आयुर्वेद की प्राकृतिक एवं संतुलित चिकित्सा पद्धति को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि सुश्रुत संहिता में स्पष्ट उल्लेख है कि स्वस्थ रहना ही जीवन का मूल आधार है। आयुर्वेद के अनुसार “प्रसन्न आत्मा, इन्द्रिय और मन” ही वास्तविक स्वास्थ्य के सूचक हैं। डॉ तोमर ने कहा कि संस्कृति और संस्कार पढ़ाए नहीं जाते, बल्कि उनका अनुसरण किया जाता है। आध्यात्मिक स्वास्थ्य (Spiritual Health) को जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बताते हुए उन्होंने योग एवं प्राणायाम के नियमित अभ्यास पर बल दिया। डॉ. तोमर ने अश्वगंधा, शतावरी, आंवला, मुलेठी, ब्राह्मी, शंखपुष्पी तथा गिलोय जैसी आयुर्वेदिक औषधियों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और बताया कि ये औषधियाँ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं। साथ ही उन्होंने नशे से मुक्ति के लिए आयुर्वेदिक औषधियों एवं संयमित जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी । उन्होंने तम्बाकू एवं मद्य के व्यसन से मुक्ति पाने के लिए अपने अभिनव प्रयोग एवं अनुभवों को साझा किया । मंचासीन अतिथियों को आरोग्य भारती का पत्रक प्रदान करते हुए डॉ तोमर ने नशा मुक्ति पर चल रहे प्रकल्प की जानकारी प्रदान की । महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आशीष जोशी ने मुख्य अतिथि का पुष्प गुच्छ से स्वागत करते हुए आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए आयुर्वेद पद्धति अपनाने को प्रेरित किया। व्याख्यान के उपरांत एनएसएस के शिविरार्थियों द्वारा नशा मुक्ति पर एन एस एस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ अजय यादव एवं डॉ मारुति शरण ओझा के निर्देशन में एक जागरूकता रैली निकाली गई। यह रैली गोंद लिए ग्राम बजहां मिश्रान में आयोजित की गई, जहाँ स्वयंसेवकों ने नारों एवं जनसंवाद के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया तथा नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया। स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क कर ग्रामवासियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने एवं युवाओं को नशे से दूर रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. जंग बहादुर यादव द्वारा किया गया तथा आभार एवं धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मारुति शरण ओझा ने किया। शिविर के इस बौद्धिक सत्र एवं जागरूकता रैली में स्वयंसेवकों एवं ग्रामवासियों में स्वास्थ्य चेतना तथा नशा मुक्ति के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ किया।
