गोपाल दास के क्लेनियोरेट वादन एवं अनुराग मिश्रा के गायन ने मंत्रमुग्ध किया
ऐसे आयोजनों से नवोदित कलाकारों को मंच एवं वरिष्ठ कलाकारों को सुनने से सीखने का मौका मिलता है- मनोज गुप्ता


प्रयागराज lव्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी द्वारा आयोजित राग-अनुराग संगीत बैठक का आयोजन नवरस सभागार, प्रीतम नगर में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ।
कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति के क्रम में शहर के जाने-माने गायक व हारमोनियम वादक अनुराग मिश्र के शास्त्रीय गायन से हुआ, जिसमे उन्होंने राग पूरिया धनाश्री में तीनताल में निबद्ध छोटा ख्याल प्रस्तुत किया जिसके बोल थे ‘पायलिया झनकार मोरी’ तत्पश्चात राग पहाड़ी पर आधारित ठुमरी ‘छोड़ के न जा ए सैंया मोरे’ से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, उनके साथ तबले पर संगत शुभम पटवा ने की। संध्या की द्वितीय एवं अंतिम प्रस्तुति सुविख्यात बाँसुरी एवं क्लेनियोरेट वादक पंडित गोपाल दास की रही, जिसकी शुरुआत उन्होंने राग मधुवंती की प्रस्तुति से किया एवं समापन दादरा से करके जहां श्रोताओं को आनंदित एवं रोमांचित किया वहीं संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त प्रयागराज के प्रसिद्ध तबला वादक पंडित अनूप बनर्जी एवं उनके शिष्य वासुदेव पाण्डेय ने तबले पर संगत करके कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शहर के प्रतिष्ठित गायक एवं संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित मनोज गुप्ता ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा ऐसे कार्यक्रम निरतंर ही आयोजित होते रहने चाहिए, जिससे युवा कलाकारों को मंच मिलेगा एवं उन्हे वरिष्ठ कलाकारों को सुनने का मौका भी मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन वेदान्त तिवारी ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था की सचिव डॉ मधु शुक्ला ने कार्यक्रम की महत्ता के बारे में प्रकाश डालते हुए कलाकारों एवं अतिथियों का स्वागत किया l
इस अवसर पर शहर के तमाम संगीत रसिकगण, शोधार्थी एवं नवोदित कलाकार जिनमें कौशल कुमार गुप्ता अनिल कुमार शुक्ला, संतोष मिश्रा, राजेश तिवारी, शाम्भवी शुक्ला, श्रेयस शुक्ला, अभिलाषा भारद्वाज, विशाखा कौशिक, सृष्टि गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
