सेवा,संस्कार और समर्पण की प्रति मूर्ति है प्रयागराज की महिला चिकित्सक

प्रयागराज
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की महिला चिकित्सको ने प्रयाग संगीत समिति में कथक नृत्य थर्ड ईयर की परीक्षा दी। सभी डॉक्टर विभिन्न स्पेशलिटीज से जुड़े हुए हैं और एएमए परिवार का हिस्सा हैं।
पाँच वर्ष पूर्व यह सफर तब शुरू हुआ, जब यह महसूस किया गया कि चिकित्सक होने के नाते डॉक्टरों का जीवन लगातार तनाव, बीमारियों, मरीजों की पीड़ा और सामाजिक दबावों से घिरा रहता है। ऐसे वातावरण में मानसिक संतुलन बनाए रखना तन और मन को प्रसन्न रखना भी उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के साथ एएमएसीसी में कथक, जुम्बा, योग एवं संगीत जैसी रचनात्मक और सकारात्मक गतिविधियों की शुरुआत की गई। कथक की इस परीक्षा के बाद डॉक्टरों को जो आत्मसंतुष्टि और खुशी महसूस हो रही है, उसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की सोशल सेक्रेटरी डॉ. विनीता मिश्रा के प्रयासों से ये सभी गतिविधियाँ संभव हो सकी। साथ ही एएमए ऑफिस, एएमएसीसी के सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों का भी इस सुंदर यात्रा में निरंतर पूर्ण सहयोग मिलता रहा।
आज के समय में जब डॉक्टर मानसिक दबाव और शोषण जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, तब अपने मानसिक स्वास्थ्य, आत्मिक शांति और खुशी के लिए ऐसे प्रयास करना अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. विनीता मिश्रा, सोशल सेक्रेटरी एएमए ने बताया ‘कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि आत्मा को संतुलित रखने का माध्यम भी है।
