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राजकीय बालगृह (शिशु) में लोकगीतों की धुन पर बच्चों को लोकसंस्कृति से जोड़ने का हुआ सार्थक प्रयास 

राजकीय बालगृह (शिशु) में लोकगीतों की धुन पर बच्चों को लोकसंस्कृति से जोड़ने का हुआ सार्थक प्रयास 

प्रयागराज लोकगीतों की धुन पर बच्चों को लोकसंस्कृति से जोड़ा — राजकीय बालगृह (शिशु) में लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान की ओर से प्रस्तुति परक कार्यशाला राजकीय बालगृह (शिशु) के नन्हें मुन्ने बच्चों के लिए आज का दिन उल्लास से भरने एवं उसका आनन्द उठाने का था। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान लखनऊ , शिव शक्ति फाउंडेशन प्रयागराज एवं राजकीय बालगृह (शिशु) महिला कल्याण विभाग की ओर से संयुक्त रूप से सृजन कार्यक्रम के तहत प्रस्तुति परक 11 दिवसीय लोक गायन कार्यशाला का हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य माता पिता से दूर शिशुगृह में रह रहे बच्चों को उनकी लोक संस्कृति से परिचय कराने का है। खेल खेल में प्रशिक्षकों ने बच्चों को लोकगायन की बारीकियों से परिचित करवाया। इस दौरान बच्चों को बालक के जन्म के समय गाए जाने वाले बधाई गीत सहित दूसरी विधा के लोकगायन से जोड़ा गया।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि बाल कल्याण समिति प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ अखिलेश कुमार मिश्र, सदस्य अरविन्द कुमार, महिला शरणालय अधीक्षिका मिथलेश पाल एवं बाल शिशु गृह अधीक्षिका डॉ० प्रज्ञा सिंह ने किया। इस दौरान संगीत प्रशिक्षक सूरज प्रकाश के दिशा-निर्देश में राहुल सिंह हारमोनियम एवं अक्षत ने ढोलक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बच्चों को विभिन्न विधाओं के लोकगीत, संस्कार गीत एवं पारम्परिक विधाओं का प्रशिक्षण दिया। संचालन अंकुर श्रीवास्तव एवं सोनम सोनी ने किया। प्रशिक्षक सूरज प्रकाश ने बताया कि यह 11 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला बच्चों को अपनी मूल संस्कृति की जड़ से जोड़ने तथा उनके गायन-वादन की विभिन्न शैलियों के बारे में प्रशिक्षित करने का कार्य करेगा। कार्यक्रम में 7 जून को उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान लखनऊ के निदेशक अतुल द्विवेदी बच्चों को लोकगायन के बारे में जानकारी देंगे।

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