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सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव यात्रा का दूसरा दिन: प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्वागत

सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव यात्रा का दूसरा दिन: प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्वागत


प्रयागराज। पूर्वांचल महोत्सव समिति के तत्वाधान में चतुर्थ सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव यात्रा दूसरे दिन सोमवार को प्रयागराज पहुंची, जहां सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर परिसर में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर भगवा ध्वज दिखाकर यात्रा को आगे के लिए रवाना किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा के साथ चल रहे देश की 151 पवित्र नदियों के जल कलशों का विधिवत पूजन किया और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासतों को आगे बढ़ाने में पुनीत योगदान देने के लिए आयोजन समिति साधुवाद की पात्र है। यह समिति देश की 151 नदियों को एक साथ लाकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का कार्य कर रही है। मुझे एक साथ 151 नदियों के जल का पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इससे हम सभी को जागरूक होकर अपनी नदियों के संरक्षण और संवर्द्धन का संकल्प लेना चाहिए।

पूर्वांचल महोत्सव समिति के अध्यक्ष विनय राय ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के प्रति आभार जताते हुए कहा कि हमारा उद्देश नदियों के संरक्षण के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक विरासतों सबसे सामने लाना है। इसी क्रम में यह यात्रा जारी है।

इससे पूर्व यात्रा मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी धाम पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। इसके बाद गंगा नदी से पवित्र जल भरकर बड़े शृंगारी श्री शिवजी महाराज एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष विनय राय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश पूजन कराया। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत यात्रा प्रयागराज पहुंची।

गौरतलब है कि 26 जुलाई को इस यात्रा का शुभारंभ आजमगढ़ के तमसा और सिलानी नदी संगम स्थित चंद्रमा ऋषि आश्रम से हुआ था। यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति, नदियों के संरक्षण और राष्ट्रीय एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।

प्रयागराज से यात्रा लखनऊ पहुंचेगी। इसके बाद यह अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर, गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर होते हुए कुशीनगर के तुर्कपट्टी स्थित सूर्य मंदिर पहुंचेगी, जहां सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव के अवसर पर इसका भव्य समापन होगा।

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