कनकधारा के द्वारा गूंजेंगे कजरी के सुर आठ दिवसीय कजरी कार्यशाला का होगा आयोजन
प्रयाग संगीत समिति में 2 अगस्त से शुरू होगा आठ दिवसीय ‘कजरी कार्यशाला महोत्सव’

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति और सावन के पारंपरिक गीतों की समृद्ध विरासत ‘कजरी’ को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ‘कनकधारा’ संस्था के तत्वावधान में एक अनूठे आठ दिवसीय ‘कजरी कार्यशाला महोत्सव’ का आयोजन होने जा रहा है। यह भव्य महोत्सव आगामी 2 अगस्त से 9 अगस्त 2026 तक संगीत के प्रतिष्ठित केंद्र प्रयाग संगीत समिति में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का समय प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
कार्यशाला की मुख्य आयोजक स्वाती निरखी (Swaati Nirkhii) ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य विलुप्त हो रही लोक विधाओं को पुनर्जीवित करना और युवाओं को अपनी मिट्टी के संगीत से जोड़ना है। इस आठ दिवसीय कार्यशाला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें भाग लेने वाले संभ्रांत प्रशिक्षणार्थियों को आकाशवाणी (All India Radio) की ‘A’ ग्रेड लोक बनारस घराना श्रीमती आश्रया द्विवेदी जी द्वारा कजरी गायन कला की बारीकियाँ सिखाई जाएंगी।
* कजरी गायन की शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय बारीकियों का प्रशिक्षण।
* पारंपरिक लोक नृत्य और कजरी संगीत के विभिन्न रूपों का सजीव आनंद।
* वरिष्ठ एवं अनुभवी संगीत मनीषियों का विशेष मार्गदर्शन।
* कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों को कनकधारा संस्था द्वारा आधिकारिक प्रमाण पत्र का वितरण।
आयोजन समिति के अनुसार, कार्यशाला में सीटों की संख्या सीमित रखी गई है ताकि प्रत्येक शिक्षार्थी पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जा सके। इसके साथ ही, प्रयागराज से बाहर रहने वाले लोक कला प्रेमियों की भारी मांग को देखते हुए संस्था इस बार ऑनलाइन (Hybrid) माध्यम से भी देश-विदेश के प्रतिभागियों को जोड़ने की विशेष सुविधा प्रदान कर रही है।
स्थानीय संगीत रसिकों, छात्र-छात्राओं और लोक संस्कृति में रुचि रखने वाले सभी नागरिकों से इस समृद्ध परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की गई है। रजिस्ट्रेशन एवं कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए मुख्य आयोजक स्वाती निरखी से उनके मोबाइल नंबर 08009232233 पर सीधे संपर्क किया जा सकता है
