पूनम संत महिला एवं विकास समिति द्वारा “जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक — नरेंद्र मोदी जी के संघर्ष और संकल्प” विषय पर विशेष संगोष्ठी आयोजित
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प्रयागराज। पूनम संत महिला एवं विकास समिति द्वारा मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को आर्य बेसिक जूनियर हाई स्कूल, पटपर, राजरूपपुर, प्रयागराज में “जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक — नरेंद्र मोदी जी के संघर्ष और संकल्प” विषय पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था की पदाधिकारियों, लीडर्स, सुपर लीडर्स एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन को ज्ञान, जागरूकता और सकारात्मक विचारों के प्रकाश का प्रतीक बताते हुए कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई।
इसके पश्चात संस्था की राष्ट्रीय संयोजिका श्रीमती इसाबेल ब्रेंडिश जी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं उपस्थित मातृशक्ति का स्वागत करते हुए संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला तथा समाज एवं राष्ट्र के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे।
संगोष्ठी में जिला सचिव श्रीमती सीमा भारतीय जी ने अपने विचार रखते हुए नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन, संघर्ष एवं राष्ट्र के प्रति उनके संकल्पों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं एवं बेटियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के विषय में जागरूकता को आवश्यक बताया।
इसके बाद नगर सचिव श्रीमती रति भारतीय जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए जनसेवा, सामाजिक जागरूकता तथा महिलाओं की भागीदारी को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में संस्था की सुपर लीडर श्रीमती मीना पाल जी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने महिलाओं की सामाजिक भागीदारी, बेटियों की शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
इसके पश्चात सुपर लीडर श्रीमती सीमा सिंह जी ने संगोष्ठी में अपने विचार रखते हुए महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण तथा समाज में जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. श्रीमती पूनम संत जी ने संगोष्ठी में विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन की यात्रा, उनके संघर्षों एवं विभिन्न संकल्पों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक जीवन को समझने के लिए उसके लंबे संघर्ष, संगठनात्मक अनुभव और जनसेवा से जुड़ी यात्रा को समझना आवश्यक है। उन्होंने नरेंद्र मोदी जी के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का उल्लेख करते हुए उपस्थित मातृशक्ति को उनके सार्वजनिक जीवन एवं कार्यशैली के बारे में जानकारी दी।
श्रीमती पूनम संत ने विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं पहलों की जानकारी उपस्थित मातृशक्ति को दी। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक आत्मनिर्भरता, वित्तीय समावेशन, मातृत्व एवं घरेलू सुविधाओं से संबंधित योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इन योजनाओं की जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुँचना आवश्यक है।
उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जनधन योजना, मुद्रा योजना एवं आयुष्मान भारत जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए महिलाओं से योजनाओं की जानकारी लेने और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं के साथ-साथ समाज और परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। बेटियों को शिक्षा, अवसर और आगे बढ़ने का वातावरण उपलब्ध कराना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती पूनम संत द्वारा नरेंद्र मोदी जी के चित्र पर तिलक लगाकर एवं लड्डू खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया गया। इसके पश्चात केक काटकर पुनः उनके जन्मदिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर नरेंद्र मोदी जी के जीवन एवं सार्वजनिक यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का उल्लेख किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने एक साथ उनके स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की तथा उनके सार्वजनिक जीवन में निरंतर सक्रिय रहने की शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
कार्यक्रम में उपस्थित सखियों एवं लीडर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती पूनम संत जी द्वारा कुछ लीडर्स एवं सखियों को उपहार भी भेंट किए गए।
कार्यक्रम के अंत में संस्था की ओर से सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, लीडर्स, सुपर लीडर्स एवं उपस्थित मातृशक्ति के प्रति आभार व्यक्त किया गया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से सीमा पटेल,प्रीति भारतीय, राबिता भारतीय, ज्योति गुप्ता , साधना चन्द्रा, हीरामणि पाल, सिमरन पाल, राधिका देवी, बिंदिया पाल, प्रीति पटेल, रोमी, गूंजा देवी , किरन देवी , आदि उपस्थित रही ।
“सेवा, सहयोग और संवेदना — यही संस्था का संकल्प है।”
