अजय मालवीय सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में बाह्य विशेषज्ञ नामित सिद्धार्थनगर

प्रयागराज
। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के उर्दू विभाग की ओर से गठित बोर्ड ऑफ स्टडीज (BOS) में वरिष्ठ उर्दू साहित्यकार एवं आलोचक डॉ. अजय मालवीय ‘बहार इलाहाबादी’ को बाह्य विशेषज्ञ (External Expert) नामित किया गया है। विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार यह बोर्ड एकीकृत बीए एवं एमए उर्दू पाठ्यक्रम के अनुशंसित प्रारूप के संबंध में गठित किया गया है।
बोर्ड में विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ विषय के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। प्रो. नीता यादव को अध्यक्ष/डीन, फैकल्टी ऑफ आर्ट्स, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के रूप में तथा प्रो. शरीफुद्दीन, डॉ. बाल गंगा धर, डॉ. अब्दुल हाफिज, डॉ. फैजान अशरफ और श्रीमती नेहा प्रवीण को बोर्ड के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। वहीं प्रो. राजेश मिश्रा, चंद्रभान खयाल और डॉ. अजय मालवीय को बाह्य विशेषज्ञ के रूप में नामित किया गया है।
प्रयागराज में जन्मे डॉ. अजय मालवीय उर्दू एवं हिंदी के साहित्यकार, आलोचक, शोधकर्ता, अनुवादक, विचारक, भाषाविद् एवं शायर के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। उन्होंने उर्दू विषय में पीएच.डी. की है और हिंदी, उर्दू सहित कई भाषाओं का अध्ययन किया है। उनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें ‘वैदिक अदब और उर्दू’, ‘उर्दू में हिंदू धर्म’, ‘उर्दू सीखें’, ‘श्रीमद्भगवद्गीता’, ‘प्रेमचंद—स्वानेह ब तस्वीर’, ‘है राम के वजूद पे हिंदुस्तां को नाज़’, ‘नई फिक्रियाती जिहात’ तथा ‘जदीदियत के अलंबरदार शम्सुर्रहमान फारूकी’ प्रमुख हैं।
डॉ. मालवीय के शोध आलेख और रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं तथा वे अनेक राष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोधपत्र एवं व्याख्यान प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी पुस्तक ‘वैदिक अदब और उर्दू’ विशेष रूप से उर्दू शब्द की उत्पत्ति और हिंदी-उर्दू के भाषाई एवं सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े विमर्श के लिए चर्चित रही है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के बोर्ड ऑफ स्टडीज में बाह्य विशेषज्ञ के रूप में डॉ. अजय मालवीय के नामित होने को उनके दीर्घ साहित्यिक, शोध एवं शैक्षणिक अनुभव से जोड़कर देखा जा रहा है।
