खानपान स्थलों पर खाद्य औषधि विभाग का छापा
जेजे अस्पताल की कैंटीन 10 होटलों का सहित लाइसेंस निलंबित
52000 किलो सुपारी, 5000 लीटर दूध जब्त

मुंबई श्रीकेश चौबे:- महाराष्ट्र खाद्य और औषधि विभाग ने खानपान की सुरक्षा और साफ़ सफाई की जांच के बाद मुंबई के 10 खानपान संस्थानों के लाइसेंस निलंबित
किन्ही अपरिहार्य तकनीकी अड्वों के कारण फिलहाल निर्भय पथिक चार पृष्तों का एप रहा है इसलिए कुछ नियमित रतंभों का प्रकाशन हम नहीं कर गा रहे हैं.
हमारे पाठकों को हो रही असुविधा के लिए हमें खेद है. जल्द ही यह व्यवस्था तीक हो जाएगी.
कर दिए हैं. इन जगहों में जे जे अस्पताल की सेंट्रल कैंटीन और मरीन लाइन्स के इस्लाम जिमखाना का हुमा कैटरर शामिल हैं।
विभाग द्वारा चलाये गए निरीक्षण अभियान में खाने-पीने की दुकानें, डेयरी यूनिट और फ़ूड सर्विस देने वाली जगहें शामिल थीं। निरीक्षकों ने कर्मचारियों की साफ़-सफ़ाई, कीड़े-मकोड़ों की रोकथाम (पेस्ट कंट्रोल), खाना रखने के तरीके और जगह के रखरखाव में कमियां पाईं। इसके अलावा, एफडीए ने कोंकण डिवीजन में सुपारी, दूध और पनीर के स्टॉक के खलिाफ़ भी कार्रवाई शुरू की, क्योंकि इनकी क्वालिटी और लेबलिंग में गड़बड़ी का शक था। जांच के
दौरान साफ़-सफ़ाई के नियमों का उल्लंघन पाया गया.
एफडीए के मुताबिक, कई जगहों पर साफ़-सफ़ाई की जरूरी चीजें नहीं थीं, जैसे कर्मचारियों के लिए ग्लव्स, हेड कैप और एप्रन। कुछ जगहों पर कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट और फ़ूड सेफ्टी ट्रेनिंग से जुड़े दस्तावेज भी नहीं मिले।
जिन 10 जगहों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं, वे हैं: जे जे अस्पताल की सेंट्रल कैंटीन; इस्लाम जिमखाना का हुमा कैटरर; कांदिवली में मिल्कोज डेयरी प्रोडक्ट्स; सांताक्रूज में ला पिनोज पिज्जा; विले पार्ले में डीजे संघवी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में फ़-3 कॉर्पोरेट हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज; ओपेरा
हाउस में नारायण डोसा; जे जे अस्पताल के पास अबरार किराना स्टोर; गिरगाँव में गोल्डन स्टार रेस्टोरेंट; चारकोप में पालीवाल डेयरी; और इस्लाम जिमखाना में नवाब जूस सेंटर।
सुपारी के स्टॉक के खिलाफ कार्रवाई
एक अलग कार्रवाई में, एफडीए ने कोंकण डिवीजन में नवी मुंबई के तुर्भे एमआईडीसी में उमा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के 52,016 किलो सुपारी स्टॉक के खलिाफ़ कार्रवाई की। इस स्टॉक की कीमत 1.33 करोड़ रुपये से ज्यादा थी और इस पर क्वालिटी चिंता और पैकेजिंग व की लेबलिंग के नियमों के उल्लंघन का शक था।

