अंगना पधारो मोरो शारदा भवानी,हरियाणा का घूमर और छपेली लोकनृत्य रहा आकर्षण का केंद्र

रिपोर्ट:आचार्य श्री कांत शास्त्री
जबलपुर के तंबूर भजन गायक मनीष अग्रवाल ने बुधवार की शाम को अंगना पधारो महारानी मोरो शारदा भवानी को सुरों से सजाया तो पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। इतना ही नहीं, राम भजन ‘‘ कोयलिया बोली रे…..के बोल पर विरह के भावों पर थिरकन की तिहाई लगाकर फिजा सुरमयी शाम में लय-ताल का अनूठा रस घोल दिया। इसके बाद कबीर पंथी, निर्गुण, देवी भजन गाकर समा बांध दिया।एनसीजेडसीसी का मुक्ताकाशी मंच बुधवार की शाम लोक संगीत के नाम ऐसे ही अद्भुत क्षणों के साथ परवान चढी। मनीष अग्रवाल ने जब मंच संभाला तो दर्शक दीर्घा से अंगना अंगना पधारों जयघोष के साथ उनका जोरदार स्वागत हुआ। उन्होंने दर्शकों के मांग पर शानदार गीतों की प्रस्तुति दी। देर रात तक दर्शक उनके गीतों पर झूमते रहे। सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत पाडंवानी गायन से होती है जिसमें महाभारत में भीम एवं दुर्योधन के बीच हुए युद्ध का बड़े सुन्दर तरीके से गायन के माध्यम से बताया गया। इसके बाद कार्यक्रम की अगली कड़ी में हरियाणा का घूमर नृत्य ” बलमा मोरे लागी नज़रिया” ने लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया, इस नृत्य के द्वारा बताय गया कि जब किसान की फसल तैयार हो जाती है और वह अपनी फसल को बेचकर घर वापस आता है तो उसकी घरवाली कई चीजों की फरमाईस करती है। उसके बाद होली के अवसर पर किया जाने वाला फाग नृत्य जिसमें देवर और भाभी के संवाद को इस नृत्य के माध्यम से पेश किया गया। वही असम के कलाकारों ने बिहू लोकनृत्य की प्रस्तुति दी जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
12 दिसंबर को होगी सारेगामापा व राइजिंग स्टार के विजेजा हेमन्त बृजवासी की सजेगी महफिल
केंद्र निदेशक प्रो. सुरेश शर्मा ने बताया कि 1 से 12 दिसंबर तक चलने वाला राष्ट्रीय शिल्प मेले के समापन अवसर पर सारेगामापा व राइजिंग स्टार के विजेता हेमंत बृजवासी की प्रस्तुति होगी इसके अलावा पद्मश्री पं राम दयाल शर्मा के निर्देशन में नौटंकी सुल्ताना डाकू का भी मंचन मुक्ताकाशी मंच पर किया जाएगा
कार्यक्रम का संचालन अतुल यादव ने किया।
