पारिस्थितिकी बनाम आर्थिक विकास पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के अवसर पर सिफरी और एनजीबी (डीयू) द्वारा गंगा नदी में मछली छोड़ा गया

आईसीएआर-सिफरी और एनजीबी (डीयू) प्रयागराज उत्तर प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से 25 से 26 फरवरी 2023 तक ” पारिस्थितिकी बनाम आर्थिक विकास विशेष संदर्भ गंगा बेसिन के में (नीड-2023)” पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई, संगोष्ठी में गंगा नदी की जलीय जैव विविधता को बनाए रखने तथा इससे होने वाले आर्थिकी के बीच संतुलन बनाने पर विचार विमर्श किया गया,इस अवसर पर गंगा नदी में विलुप्त हो रहे मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण एवम् संवर्धन को ध्यान में रखते हुए, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् -केन्द्रीय अन्तर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सिफरी), प्रयागराज के द्वारा दिनांक 26 फरवरी 2023 को पवित्र पावन गंगा और यमुना के संगम तट पर गंगा नदी में 10000 (दस हजार) भारतीय प्रमुख कार्प-कतला रोहू मृगल मछलियों के बीज को रैंचिंग कार्यक्रम के तहत छोड़ा गया, कार्यक्रम की शुरुआत डॉ• धर्म नाथ झा वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं एचओसी के स्वागत भाषण से हुआ,कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो•आर•एस• वर्मा निदेशक एमएनआईटी और आईआईआईटी प्रयागराज थे, उन्होंने आणविक जीव विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला और उस क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए,इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य लोगों में डॉ• एस• सी• तिवारी प्रो वाइस चांसलर एनजीबी (डीयू) से बीएआरसी परियोजना के साथ गंगा नदी में नेहरू ग्राम भारती के काम के बारे में बताया और डॉ• दिलीप कुमार सलाहकार (एफएओ) और पूर्व कुलपति डॉ• दिलीप कुमार आईसीएआर – सीआईएफई मुंबई ने बताया कि संगोष्ठी के लिए तय किया गया विषय बहुत महत्वपूर्ण और अनूठा है और संगोष्ठी के प्रति समग्र संतुष्टि व्यक्त किया,डॉ• के• डी• जोशी आईसीएआर-सिफरी के पूर्व प्रमुख प्रो• पी• नौटियाल ने भी संगोष्ठी के बारे में अपने विचार साझा किए,संगोष्ठी के दौरान कई प्रतिभागियों द्वारा कुल 141 मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से “पारिस्थितिकी बनाम आर्थिक विकास” के विभिन्न पहलुओं में गहन ज्ञान प्रदान किया गया,डॉ•ए• आलम वरिष्ठ वैज्ञानिक भाकृअनुप – सिफरी प्रयागराज द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ,इस अवसर पर डॉक्टर कुमुद दुबे एवं राजेश शर्मा संयोजक गंगा विचार मंच रहे।
