अडानी समूह के मुद्दे पर J.P.C जॉच की मांग से भा.ज.पा. सरकार डरी-प्रमोद तिवारी

प्रयागराज । सांसद,उप नेता, राज्य सभा एवं सदस्य, स्टीयरिंग कमेटी ने प्रमोद तिवार ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी की सफल “भारत जोड़ो यात्रा” से घबराये हुए। भाजपा साम्राज्य को जब अपना सिंहासन डोलता हुआ नजर आया तो वह एन केन प्रकारेण संसद में उनकी उस गर्जना को रोकना चाहते थे । जब”संसद सत्र चल रहा है, तो भाजपा राहुल गाँधी को बोलने नहीं दे रही है, और ऐसा वातावरण बना देती है कि 13 मार्च, 2023 से अब तक संसद की कार्यवाही चल नहीं पा रही है ।
देश के लोकतात्रिक इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब अध्यक्ष, लोक सभा एवं माननीय सभापति, राज्य सभा, आसन पर आसीन होते हैं तो मन्त्री से लेकर उनके सांसद तक सदन में हंगामा करने लगते हैं और सदन की कार्यवाही नहीं चलने देते हैं, तथा राहुल गाँधी को नहीं बोलने देते हैं । जब उन्होंने नियम 375 के अंतर्गत स्पष्टीकरण देने के लिये अध्यक्ष, लोक सभा से मिलकर उनसे समय मांगा, तो भाजपा के ही एक विधायक द्वारा कर्नाटक में दिये गये एक भाषण को आधार बनाकर न्यालय में गलत तथ्य रखकर एक ऐसा निर्णय कराया गया है जो गलत तथ्यों पर आधारित है । न्यायपालिका और न्यायालय के प्रति पूर्ण सम्मान व्यक्त करते हुए भाजपा पर आरोप लगाता हूं तथा उन्हें षड्यंत्र का सूत्रधार मानता हूँ ।
प्रमोद तिवारी ने कहा है कि शासकों का जब लोकतन्त्र में विश्वास नहीं रह जाता है तब वह ऐसी ही हरकत करते हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि उनकी सत्ता चली जायेगी । यह बात कांग्रेस ही नहीं बल्कि एक-दो बसों को छोड़कर सम्पूर्ण विपक्षी दल कह रहे हैं कि लोकतन्त्र का हनन हो रहा है. और संवैधानिक संस्थाओं, ED, C.B.I और आयकर (इनकम टैक्स) को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रभावित किया जा रहा है।
अडानी समूह की लाखों करोड़ रुपये की लूट पर आवाज न उठे, इसीलिये उस पर पर्दा डालने के लिये भा.ज.पा. सरकार I.P.C (संयुक्त संसदीय समिति) बनाने की विपक्ष की मांग को स्वीकार नहीं कर रही है ।
प्रमोद तिवारी ने कहा है कि हम यहाँ स्पष्ट कर दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने इसका संज्ञान लिया है और एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। किन्तु वह समिति मात्र अडानी समूह की ही जाँच करेगी, जबकि इतना बड़ा घोटाला, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम साहित श्रीलंका जैसे देशों में शर्तों को शिथिल करके अडानी ग्रुप को ठेके दिलाये गये, और भारतीय स्टेट बैंक “और भारतीय जीवन बीमा निगम का पैसा दाँव पर लगाया गया है, जहाँ 130 करोड़ भारतीयों की आस्था, विश्वास और उनकी पूँजी लगी है, यह तभी संभव है जब सत्ता का संरक्षण प्राप्त हो ।
प्रमोद तिवारी ने कहा है कि J.P.C (संयुक्त संसदीय समिति) में मात्र अडानी समूह की ही जांच नहीं होगी बल्कि सरकार में बैठे लोगों ने किस तरह नियमों के विपरीत जाकर उनको शिथिल करके उन्हें लाभ पहुँचाने के लिये कार्य किये हैं, उसकी भी जाँच होगी। यही फर्क है दोनों जाँचों में । इसीलिये कांग्रेस सहित संपूर्ण विपक्ष I.P.C. (संयुक्त संसदीय समिति) जॉच की मांग कर रहे हैं ।
प्रमोद तिवारी ने कहा है कि इससे बहुत कम और छोटे घोटालों में कांग्रेस सरकारों के समय में, और स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी की सरकार के समय में भी I.P.C (संयुक्त संसदीय समिति) की जाँच हुई थी। यह पूरी तरह अहानी प्रकरण और उसके मददगारों के खिलाफ 1.P.C (संयुक्त संसदीय समिति) का सबसे उपयुक्त प्रकरण है ।
राहुल गाँधी इस प्रकरण पर जोर दे रहे थे और खुलकर बोल रहे थे, तथा संपूर्ण विपक्ष J.P.C (संयुक्त संसदीय समिति) जाँच की मांग कर रहा था, इसीलिये उनकी आवाज को दबाने के लिये, उन्हें आतंकित करने हेतु षड़यन्त्र करके गलत तथ्य मा. न्यायालय में रखे गये, और इसीलिये दोषपूर्ण निर्णय आया है, जिसकी अपील हम ऊपर के मा. न्यायालय में करेंगे। मा. न्यायालय और न्यायपालिका पर हमें पूरा भरोसा है, और विश्वास हैं, हमें न्याय अवश्य मिलेगा, तथा हमारे नेता पर लगे झूठे आरोप गलत साबित होंगे।
प्रमोद तिवारी ने कहा है कि अडानी समूह के मुद्दे पर J.P.C (संयुक्त संसदीय समिति) जॉच की मांग से भा.ज.पा. सरकार इतनी डरी और सहमी हुई है कि यदि इस पर चर्चा होगी तो सरकार गम्भीर आरोपों से घिर जायेगी। और आदरणीय श्री राहुल गाँधी जी पर मा. न्यायालय के फैसले के बाद विपक्षी दलों की बढ़ती एकजुटता के मद्देनजर सरकार 06 अप्रैल, 2023 तक प्रस्तावित बजट सत्र को समय से पहले खत्म करके मैदान छोड़कर भाग सकती है ।
प्रमोद तिवारी ने कहा है कि स्मरण दिलाना चाहता हूँ कि ऐसा ही प्रकरण 70 के दशक के उत्तरार्थ में भी हुआ था जब वर्ष 1978-79 में स्व. इन्दिरा गाँधी की संसद की सदस्यता समाप्त की गयी थी, और ऐसे ही मामले में जेल भेजा गया था। वर्ष 1980 के चुनाव में जेल भेजने वालों का देश की जनता ने सफाया किया था और दो तिहाई बहुमत के साथ स्व. इन्दिरा गाँधी की सत्ता में बापसी हुई थी । आज वर्ष 2023 में स्व. इन्दिरा गांधी के पौत्र राहुल गाँधी जी के भी खिलाफ मौजूदा सत्तारूढ दल भारतीय जनतापार्टी और उसके गठबन्धन साजिश कर रहे हैं जो पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है ।
प्रमोद तिवारी ने कहा है कि देश की जनता बहुत सहिष्णु है, समझदार है, और वह सब देख रही है तथा समझ रही है । वर्ष 2024 के लोक सभा चुनाव में भारतीय जनतापार्टी का पूरी तरह सफाया होगा और राहुल गाँधी तथा सहयोगी दल भारी बहुमत के साथ जीतेंगे । वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में देश की जनता ऐसा कुत्सित षड़यन्त्र करने वाली भारतीय जनतापार्टी का सफाया करके उनको करारा जवाब देगी ।
