रामायण कॉन्क्लेव ,”जन-जन की राम” कार्यक्रम में चित्र, गायन,वादन,नृत्य और प्रवचन से बखानी गई राम की महिमा

पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश एवं संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा रामायण कॉन्क्लेव ,”जन-जन की राम” अयोध्या शोध संस्थान ,जिला प्रशासन, लोक कला एवं जनजातीय कला संस्कृति संस्थान, लखनऊ के संयोजन मे जिला पंचायत सभागार प्रयागराज में आयोजित हुआ,
ऋषि परंपरा और रामकथा संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि महापौर उमेश चंद गणेश केसरवानी ने कहा कि प्रयाग के महत्व को पुनर्स्थापित करने हेतु हर संभव प्रयास करूंगा । प्रयाग प्रारंभ से ही ऋषि-मुनियों तपस्वीयों की भूमि रही है, प्रयाग में साहित्यिक सांस्कृतिक सामाजिक चेतना पुनः युवा पीढ़ी में पैदा हो ऐसा प्रयास हम
आपके साथ मिलकर करेंगे।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य धराचार्य जी ने कहां की धर्म भक्ति ज्ञान की त्रिवेणी है गंगा जमुना सरस्वती जिसका धर्म जिंदा है वह इतिहास के पन्नों में अमर हो जाता है ऐसा विश्वास महापौर से हम लोगों को है।
एमएलसी सुरेंद्र चौधरी जी ने कहा कि राम हमारे कण-कण में विद्यमान है ।
जिसके अंतर्गत शास्त्रीय नृत्य में श्री राम की प्रस्तुति, लोक भजन , लोकगीत, लोक नृत्य, प्रख्यात गायिका उर्मिला श्रीवास्तव मिर्जापुर द्वारा लोक गायन, सुचारिता गुप्ता वाराणसी द्वारा लोक गायन, सपना दिवेदी द्वारा आयोजित रामायण नृत्य नाटिका, भरतनाट्यम प्रशिक्षिका सरोज ढींगरा जी, एवं कत्थक उर्मिला शर्मा, मधु शुक्ला व मीनू तिवारी द्वारा लोक में राम, की खूबसूरत प्रस्तुति हुई ।
राम नाम लेखन चित्र प्रदर्शनी प्रशिक्षित श्रीमती प्रतिभा पांडे प्रयागराज के द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन श्रीधराचार्य विधायक सुरेंद्र चौधरी, लव कुश दिवेदी ,निदेशक, अयोध्या शोध संस्थान ने किया।
आए हुए अतिथियों का स्वागत अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक लव कुश द्विवेदी ने बुके भेंट कर किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर आभा मधुर ने किया।
कार्यक्रम में लोक कला जनजातीय कला संस्कृति संस्थान से अवधेश अग्निहोत्री, मनीष केसरवानी, मयंक यादव,आचार्य श्री कांत शास्त्री,अजय तिवारी,संतोष तिवारी,लोकेश शुक्ला, रईस शुक्ला ,बालकृष्ण पांडे, उमेश द्विवेदी, अमित जौनपुरी योगेश ओझा, झमाझम, यश विक्रम त्रिपाठी राजेश केसरवानी,सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
