‘स्वतंत्रता संग्राम में साहित्यकारों की भूमिका’ संगोष्ठी में रचनाकारों ने दिया व्याख्यान

आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत मानव गौ सेवा संस्थान उप्र शासन व भाषा संस्थान भाषा विभाग उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में हिन्दुस्तानी एकेडमी सभागार में कन्वीनर शफक़त अब्बास पाशा के संयोजन में स्वतंत्रता संग्राम में साहित्यकारों की भूमिका विषय पर रचनाकारों बुद्धिजीवियों साहित्यकारों वैज्ञानिक व कवियों ने श्रोताओं को उत्कृष्ट व्याख्यान से रुबरु कराते हुए वर्तमान पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम में शहीद होने वालों अंग्रेजों से लोहा लेकर अपनी जान की क़ुरबानी देने वालों का एक से एक स्मरण सुना कर लोगों को एकाग्र मन में तल्लीन कर देश भक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम का संचालन रुस्तम इलाहाबादी ने किया तो वहीं मुख्य अतिथि पूर्व मंडलायुक्त आर एस वर्मा विशिष्ट अतिथि सोशल ऐक्टिविस्ट अध्यक्ष एलेक्ट रोटरी क्लब इलाहाबाद एकेडीमिया आफताब अहमद ,सोशल ऐक्टिविस्ट आसरा नाज़ का संस्था के कन्वीनर शफक़त अब्बास पाशा व भाषा संस्थान भाषा विभाग उत्तर प्रदेश शासन के निदेशक विनय श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथिगण को बुके शॉल व मोमेन्टो देकर सम्मानित किया। साहित्यकार अनवार अब्बास ,भाषा विज्ञानी आचार्य पंडित प्रथ्वी नाथ पाण्डेय , साहित्यकार वैज्ञानिक व समीक्षक डॉ संजय सिंह ,शायर नायाब बलियावी ने स्वतंत्रता संग्राम में साहित्यकारों की भूमिका पर विस्तार से बताया।कवि व शायर डॉ असलम इलाहाबादी यश मालवीय व सैय्यद रज़ा अब्बास ने अपनी रचनाओं व कविताओं से देश के रणबांकुरों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का आग़ाज़ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया वहीं संस्था की ओर से व्याख्यान देने वाले महानुभावों साहित्यकारों समाजसेवियों व कविताओं की रचना करने वाले कवि व शायरों को शॉल व मोमेन्टो देकर सम्मानित भी किया।
