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पति को मौत के मुंह से खींच कर ले आईं अभिलाषा गुप्ता नन्दी,परिवार, व्यापार के साथ ही राजनीतिक जिम्मेदारियों का भी किया निर्वहन

पति को मौत के मुंह से खींच कर ले आईं अभिलाषा गुप्ता नन्दी,परिवार, व्यापार के साथ ही राजनीतिक जिम्मेदारियों का भी किया निर्वहन

फाइल फोटज

अभिलाषा गुप्ता नन्दी आज इन्हें प्रयागराज का प्रत्येक व्यक्ति न सिर्फ जानता है, पहचानता है बल्कि मानता भी है। लेकिन 13 वर्ष पहले अभिलाषा गुप्ता नन्दी की पहचान केवल एक घरेलू महिला के रूप में ही थी। वह भी अन्य महिलाओं की तरह ही परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करती थीं। लेकिन 2010 में मंत्री नन्दी पर हुए जानलेवा हमले ने अभिलाषा गुप्ता नन्दी के भी जीवन को बदल दिया। अभिलाषा गुप्ता नन्दी ने हर मोड़ और हर कदम पर अपने दाम्पत्य जीवन की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया। 2010 में जब मंत्री नन्दी पर आरडीएक्स रिमोट बम से जानलेवा हमला हुआ था। मंत्री नन्दी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती थे। जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे थे। वह समय ऐसा था, जब मंत्री नन्दी द्वारा बनाया गया सब कुछ टूट कर बिखर जाता। उस समय अभिलाषा गुप्ता नन्दी टूटी नहीं, बल्कि चट्टान की तरह खड़ी रहीं। अपनी जीवटता से उन्होंने न केवल परिवार को सम्भाला, बल्कि मंत्री नन्दी के व्यापार को भी संभाला। 2012 में जब मंत्री नन्दी विधानसभा चुनाव हार गए तो अभिलाषा गुप्ता नन्दी ने अपने पति के आदेश का पालन करते हुए घर से बाहर निकलते हुए 2013 में महापौर का चुनाव लड़ा और निर्दल प्रत्याशी होने के बाद भी भारी मतों से विजयी हुई। महापौर बनने के बाद भी उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारियों का भी बखूबी निर्वहन किया। अभिलाषा गुप्ता नन्दी ने एक बार नहीं बल्कि लगातार दो बार प्रयागराज के महापौर के रूप में प्रयागराज शहर का सजाया, संवारा और सुंदर बनाया। जनसेवा व पारिवारिक दायित्वों के बीच संतुलन बनाते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

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