भारतीय ज्ञान परंपरा में आनंद जीवन और जगत के समग्र कल्याण की अवधारणा — आचार्य दिव्य चेतनानन्द
भारतीय ज्ञान परंपरा में आनंद जीवन और जगत के समग्र कल्याण की अवधारणा — आचार्य दिव्य चेतनानन्द
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा में आनन्दसूत्रम् का योगदान विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
आनन्दसूत्रम् के दार्शनिक, आध्यात्मिक और सामाजिक-आर्थिक पक्षों पर विद्वानों ने किया मंथन
प्रयागराज, 24 सितम्बर। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में मानविकी विद्या शाखा के तत्वावधान में तिलक शास्त्रार्थ सभागार में भारतीय ज्ञान परंपरा में आनन्दसूत्रम् का योगदान विषय पर बृहस्पतिवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विद्वानों ने आनन्दसूत्रम् के दार्शनिक, आध्यात्मिक, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक-आर्थिक पक्षों पर विचार करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में इसकी समकालीन प्रासं...









