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रिशिता मैनहट्टन अपार्टमेंट परिसर में निवासियों  के द्वारा अनिश्चितकालीन धरना हुआ शुरू

रिशिता मैनहट्टन अपार्टमेंट परिसर में निवासियों  के द्वारा अनिश्चितकालीन धरना हुआ शुरू

रिशिता मैनहट्टन अपार्टमेंट परिसर में निवासियों द्वारा आयोजित अनिश्चितकालीन धरना का आयोजन हुआ। इस धरना की अध्यक्षता डॉ. धर्मेंद्र प्रताप सिंह जी ने की।

धरने के दौरान आयोजित विशाल सभा में सैकड़ों निवासी एकजुट होकर उपस्थित हुए और दर्जनों निवासियों ने मंच से अपने विचार साझा किए। उन्होंने न केवल अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को रखा बल्कि सामूहिक तौर पर सोसाइटी की गंभीर समस्याओं — जैसे मूलभूत सुविधाओं की कमी, अनुचित वसूली, अधूरी परियोजना, सुरक्षा, पार्किंग, जल व विद्युत व्यवस्था आदि — को विस्तार से सामने रखा।

मुख्य वक्ताओं के विचार
• श्री चंद्र शेखर पांडेय, अध्यक्ष RMAOA: “निवासियों के धैर्य की अब और परीक्षा नहीं ली जा सकती। बिल्डर को वादे पूरे करने होंगे।”
• श्री कृष्ण कुमार त्रिपाठी, उपाध्यक्ष: “यह आंदोलन व्यवस्था को जगाने का प्रयास है। हम अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
• श्री विजय कुमार सिन्हा, कोषाध्यक्ष: “हमारा पैसा किस तरह पारदर्शिता से उपयोग होना चाहिए, इसकी जवाबदेही बिल्डर को देनी होगी।”
• श्री एम.पी. सिंह, प्रमुख अनुशासन समिति: “अनुशासन और शांति के साथ लड़ाई लड़ना ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।”
• सुश्री नीलिमा श्रीवास्तव, प्रमुख विधिक समिति: “बिल्डर के खिलाफ हर कानूनी विकल्प का उपयोग किया जाएगा। कानून हमारे साथ है।”
• श्रीमती श्रुति राय, प्रमुख सांस्कृतिक समिति: “सांस्कृतिक जीवन तब ही संभव है जब मूलभूत सुविधाएँ पूरी हों। यह संघर्ष उसी दिशा में है।”
• श्री मुकेश कंचन, प्रमुख अनुरक्षण समिति: “मेंटेनेंस की भारी वसूली के बावजूद सुविधाएँ न मिलना सबसे बड़ा अन्याय है।”
• श्री आशीष फाँडा, प्रमुख वित्त समिति: “निवासियों के पैसों का हर हिसाब पारदर्शी होना चाहिए, यह हमारी पहली मांग है।”
• श्री विवेकानंद सिंह, विधिक सलाहकार: “उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट अधिनियम 2010 के तहत बिल्डर की कानूनी जिम्मेदारियाँ स्पष्ट हैं, अब उन्हें लागू कराना ही मकसद है।”
• श्री राजीव विग, पूर्व अध्यक्ष: “यह आंदोलन सिर्फ आज का नहीं, आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित आवास का सवाल है।”
• श्री अनुराग अवस्थी, निवासी: “हमने घर के सपनों के लिए निवेश किया था, आज उन सपनों को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।”
• श्री उमेश वर्मा, निवासी: “निवासी अब जाग चुके हैं, अब कोई धोखा बर्दाश्त नहीं होगा।”
• श्री राकेश मिश्रा, निवासी: “यह संघर्ष बिल्डर को उसकी जिम्मेदारी का अहसास दिलाने तक जारी रहेगा।”

सभा के अंत में RMAOA (Rishita Manhattan Association of Allottees) की प्रबंध कार्यकारिणी ने निवासियों की समस्याओं और समाधान के लिए अपने विचार रखे तथा आगे की रणनीति स्पष्ट की।

अंततः धरने की अध्यक्षता कर रहे डॉ. धर्मेंद्र प्रताप सिंह जी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा:
“यह लड़ाई सिर्फ सुविधाओं की नहीं, बल्कि हमारे सम्मान और अधिकारों की है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, यह आंदोलन जारी रहेगा।”

सभा का संचालन अत्यंत प्रभावशाली ढंग से महासचिव श्री वीरेंद्र कुमार सिंह जी ने किया।

आज के इस धरने ने स्पष्ट कर दिया कि रिशिता मैनहट्टन के निवासी अब अपनी बुनियादी अधिकारों की लड़ाई को अडिग संकल्प और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाएंगे।

 

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