बड़ा निक लगेला बालमुआ के गांव रे’ पर जमकर थिरके श्रोता

प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित दीपावली शिल्प मेला के तीसरे दिन शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ मुख्य अतिथि डॉ. आशुतोष कुमार सिंह (विभागाध्यक्ष, स्टेट यूनिवर्सिटी, प्रयागराज) एवं केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा द्वारा किया गया। शिल्प मेले में जहां एक ओर खरीददारी के लिए महिला दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर शाम होते ही सांस्कृतिक मंच पर कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। खानपान के स्टॉल्स भी आकर्षण का केंद्र हैं।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत सविता सागर मौर्य एवं उनके दल द्वारा प्रस्तुत बिरहा गायन से हुई, जिसने माहौल को जीवंत बना दिया। इसके पश्चात मिथिलेश राही और उनके साथियों ने निर्गुण भजनों की सशक्त प्रस्तुति दी। उन्होंने “झुलानवा झूली हे”, “राधे राधे कहने की आदत हो गई है”, “बड़ा निक लगेला बालमुआ के गांव रे”, जैसे लोकगीत से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी।
इसके बाद छठ गीतों की प्रस्तुति हुई, जिसमें “कालपेली बिजली तिवाड्या हो उगी हे दिन नाथ” और “हरियर हरियर नींबू नारियलवा हरियर केलवा पात हो” जैसे गीतों पर दर्शकों ने खूब आनंद उठाया।
मध्य प्रदेश से आए कपिल दुबे और उनके दल ने पारंपरिक बधाई नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों में जोश भर दिया, जबकि सोनभद्र से आए कतवारू राम एवं उनके दल द्वारा प्रस्तुत कर्मा नृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आभा मधुर ने प्रभावशाली ढंग से किया। मेले का सांस्कृतिक रंगारंग आयोजन प्रतिदिन नए रंग भर रहा है और दर्शकों की उत्साहजनक भागीदारी इसे और भी खास बना रही है
