इंडो- वियतनाम सॉलिडरिटी संस्था के कोलकाता स्थित कार्यालय में भव्य संगोष्ठी का हुआ आयोजन

कोलकाता
इंडो- वियतनाम सॉलिडरिटी संस्था के कोलकाता स्थित कार्यालय में भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसके आरम्भ में मुख्य अतिथि- राज्य सचिव मोहम्मद सलीम, (आई. सी. सी. आर.- कोलकाता के भूतपूर्व प्रादेशिक निदेशक) गौतम दे, साहित्यिकी संस्था की संरक्षिका कुसुम जैन, प्रेम कपूर, शकुन त्रिवेदी ने लेखिका बबीता माँधणा की पुस्तक *जीवन के रंग दोहों के संग* का इस समारोह में लोकार्पण किया|
सहित्यिकी संस्था की संरक्षिका ने बताया कि बबीता की इस पुस्तक में 1008 दोहे संग्रहित किए गए है जो कि जीवन के विविध विषयों पर आधारित हैं, इस पुस्तक के लिए उनको विद्योत्तमा फाउंडेशन नाशिक संस्था द्वारा विद्योत्तमा साहित्य कर्मयोगिनी सम्मान (2025-26) के लिए भी चयनित किया गया है जिसमे , 5001/- नकद पुरस्कार भी शामिल है| उन्होंने ये भी बताया कि संवेदनशील लेखिका ने जीवन और संस्कृति के जुड़ाव को छंद में महारथ के संग सीये हुए दोहों के रूप में बखूबी प्रस्तुत किया है| हर पाठक तक यह पुस्तक अवश्य पहुँचनी चाहिए जिसमें हर अवसर पर चाहे दैनिक जीवन की सैर हो, तीज-त्योहार हो, सामाजिक उत्तरदायित्व की चर्चा हो, सूझ-बूझ के संग लेखिका ने अपनी सशक्त कलम चलाई है और मानवीय भावों को नैतिकता की कसौटी पर भी कसा है|
लेखिका को अपनी पहली प्रकाशित पुस्तक – *खुशी के मोती (बाल कथा-संग्रह)* के लिए बसंतीबाई एल चांडक महिला साहित्यिक पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार भी मिल चुका है| कुसुम जी ने बताया कि बबीता ने भारतीय संविधान के २ अनुच्छेद को छंदबद्ध किया था उन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स और छंदावली साझा-संग्रह के लिए मैजिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स से सम्मानित किया गया|
उनकी कई साझा संग्रह के संग उनकी रचनाएँ भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती है|
कार्यक्रम में भारत और वियतनाम मैत्री के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सहायक प्रोफेसर तिलोत्तमा मुख़र्जी, मुख्य अतिथि मो. सलीम, गौतम दे और कुसुम जैन ने अपने प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहाँ श्रुति भूतड़ा, संगीता जैन, पैरोकार पत्रिका के संपादक बिमल शर्मा आदि ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की |
कार्यक्रम का कुशलतम संचालन करके प्रेम कपूर ने सबकी वाहवाही बटोरी और अध्यक्ष अमिताभ चक्रवर्ती ने सबको धन्यवाद ज्ञापित करके कार्यक्रम का समापन किया |
